उत्तराखंड की देवभूमि आज विकास, अनुशासन और भविष्योन्मुखी सुधारों के एक नए दौर से गुजर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने न केवल पुराने लंबित मुद्दों को सुलझाया है, बल्कि उत्तराखंड को देश के सबसे अग्रणी राज्यों की कतार में ला खड़ा किया है।
जनवरी 2026 तक धामी सरकार द्वारा लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों और विकास कार्यों का लेखा-जोखा नीचे दिया गया है:
1. समान नागरिक संहिता (UCC) का ऐतिहासिक कार्यान्वयन
उत्तराखंड ने पूरे देश के लिए एक नजीर पेश करते हुए समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू किया। ऐसा करने वाला वह देश का पहला राज्य बना। यह कानून सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और सामाजिक समरसता सुनिश्चित करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।
2. भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती: देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून
युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ रोकने के लिए सरकार ने देश का सबसे कठोर ‘नकल विरोधी कानून’ लागू किया। इस पारदर्शिता का परिणाम यह रहा कि अब तक 26,000 से अधिक युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।
3. सतत विकास (SDG Index) में देश का नंबर 1 राज्य
नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्य (SDG) सूचकांक 2025 में उत्तराखंड ने देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी विकास प्राथमिकताओं को सिद्ध किया है। यह उपलब्धि पर्यावरण संरक्षण के साथ संतुलित विकास का प्रमाण है।
4. निर्यात और व्यापार में अग्रणी
व्यापार सुगमता और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुँचाने की नीतियों के कारण, ‘निर्यात तैयारी सूचकांक (EPI) 2024’ में उत्तराखंड छोटे राज्यों की श्रेणी में शीर्ष पर रहा। यह ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान की बड़ी सफलता है।
5. महिला सशक्तिकरण: 30% आरक्षण और ‘लखपति दीदी’
धामी सरकार ने राज्य की महिलाओं के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को कानूनी अमलीजामा पहनाया। इसके अलावा, ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत 1.65 लाख से अधिक महिलाओं की आय बढ़ाकर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया गया है।
6. अतिक्रमण मुक्त उत्तराखंड: ‘लैंड जिहाद’ पर प्रहार
राज्य की सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा के लिए सरकार ने ‘लैंड जिहाद’ और अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। इस अभियान के तहत लगभग 10,000 एकड़ सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया है।
7. सुरक्षा और कानून-व्यवस्था: धर्मांतरण एवं दंगा विरोधी कानून
देवभूमि की जनसांख्यिकीय सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए सरकार ने कठोर धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानून लागू किए हैं। इन कानूनों के माध्यम से उपद्रवियों द्वारा सार्वजनिक संपत्ति को होने वाले नुकसान की भरपाई उन्हीं से करने का प्रावधान किया गया है।
8. निवेश का नया केंद्र: ₹3.56 लाख करोड़ के एमओयू
‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ के माध्यम से उत्तराखंड में ₹3.56 लाख करोड़ के निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। विशेष बात यह है कि इनमें से ₹1 लाख करोड़ से अधिक की परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं (Grounded), जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा हुए हैं।
9. इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी में क्रांति
चारधाम ऑल वेदर रोड, बहुप्रतीक्षित ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन और दुर्गम क्षेत्रों के लिए नई रोपवे परियोजनाओं ने राज्य में पर्यटन और परिवहन की तस्वीर बदल दी है। अब सीमांत गांवों तक पहुंच सुगम हुई है।
10. राज्य आंदोलनकारियों का सम्मान
राज्य गठन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले और संघर्ष करने वाले आंदोलनकारियों के प्रति सम्मान जताते हुए, सरकार ने उनके और उनके आश्रितों के लिए सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण सुनिश्चित किया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ये निर्णय बताते हैं कि सरकार केवल तात्कालिक समस्याओं का समाधान नहीं कर रही, बल्कि उत्तराखंड के आने वाले 25 वर्षों की मजबूत नींव रख रही है। “विकल्प रहित संकल्प” के मंत्र के साथ उत्तराखंड आज आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।
