देहरादून | 30 जनवरी, 2026 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सचिवालय में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान राज्य के विकास पथ पर चल रही बड़ी परियोजनाओं का लेखा-जोखा साझा किया। पीआईबी (PIB) देहरादून द्वारा आयोजित इस वार्ता में मुख्यमंत्री ने बताया कि कैसे ‘प्रगति’ (PRAGATI) पोर्टल के माध्यम से डिजिटल इंडिया का सपना साकार हो रहा है और राज्य की बुनियादी संरचना में क्रांतिकारी बदलाव आ रहे हैं।
क्या है प्रगति (PRAGATI) पोर्टल?
मुख्यमंत्री ने बताया कि जन शिकायतों के त्वरित समाधान और परियोजनाओं की समयबद्ध समीक्षा के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा Pro-Active and Timely Implementation (PRAGATI) पोर्टल शुरू किया गया है। यह पोर्टल न केवल निगरानी करता है, बल्कि विकास के मार्ग में आने वाली बाधाओं को दूर कर फाइलों की गति बढ़ाता है।
उत्तराखंड में निवेश और परियोजनाओं का रिपोर्ट कार्ड
मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रहे विकास कार्यों के प्रभावशाली आंकड़े पेश किए:
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कुल निवेश: वर्तमान में उत्तराखंड में ₹3.50 लाख करोड़ की लागत वाली 42 परियोजनाओं की निगरानी की जा रही है।
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हाई-वैल्यू प्रोजेक्ट्स: ₹1.22 लाख करोड़ के 15 प्रमुख प्रोजेक्ट्स सीधे PRAGATI मैकेनिज्म के तहत रिव्यू किए जा रहे हैं।
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सफलता की दर: अब तक 10 योजनाएं सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 32 पर कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
परियोजनाओं का क्षेत्रवार वर्गीकरण (निर्माणाधीन 32 योजनाएं):
सामरिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण ‘लाइफलाइन’ प्रोजेक्ट्स
मुख्यमंत्री ने कुछ विशेष परियोजनाओं का जिक्र करते हुए उनके महत्व को रेखांकित किया:
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ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन: इसे देश की सबसे महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं में से एक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुदूरवर्ती क्षेत्रों को जोड़ेगी। इससे न केवल पर्यटन और चारधाम यात्रा सुगम होगी, बल्कि सामरिक (Strategic) दृष्टि से भी यह महत्वपूर्ण है। मानसून में रास्ते बंद होने पर भी यह रेल कनेक्टिविटी वरदान साबित होगी।
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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे: मुख्यमंत्री ने इसके लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। यह एक्सप्रेस-वे ऋषिकेश, हरिद्वार, मसूरी और धनोल्टी आने वाले पर्यटकों के लिए यात्रा के समय को काफी कम कर देगा।
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जल विद्युत परियोजनाएं: राज्य की आर्थिकी की रीढ़ मानी जाने वाली इन परियोजनाओं की दैनिक समीक्षा प्रगति पोर्टल के माध्यम से की जा रही है।
केंद्र से मिली ‘दोहरी सौगात’: ₹1,806 करोड़ की कुल सहायता
भागीरथी इको सेंसेटिव ज़ोन जैसी समस्याओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य और केंद्र मिलकर अवरोधों को दूर कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने केंद्र से मिली नई वित्तीय सहायता की जानकारी दी:
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SASCI 2025-26: केंद्र सरकार ने ₹734 करोड़ की अतिरिक्त ऋण राशि (Additional Allocation) स्वीकृत की है।
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शहरी भूमि सुधार: इसके लिए अलग से ₹25 करोड़ की स्वीकृति मिली है।
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कुल सहायता: चालू वित्तीय वर्ष में SASCI योजना के तहत उत्तराखंड को मिलने वाली कुल सहायता अब ₹1,806.49 करोड़ पहुंच गई है।
मुख्यमंत्री का वक्तव्य: > “प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में यह दशक उत्तराखंड का दशक होने जा रहा है। केंद्र से मिली यह वित्तीय सहायता ‘विकसित उत्तराखंड’ के विजन को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगी।”
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि डिजिटल निगरानी और केंद्र के सहयोग से उत्तराखंड में इंफ्रास्ट्रक्चर का नया युग शुरू हो चुका है, जो राज्य को आत्मनिर्भर भारत की मुहिम में अग्रणी बनाएगा।
