मुख्य सचिव का सख्त रुख: कुंभ-2027 और वित्तीय स्वीकृतियों के लिए 15 फरवरी की डेडलाइन तय, ‘यू-प्रिपेयर’ की धीमी गति पर जताई नाराजगी

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दो महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठकें कीं। पहली बैठक में उन्होंने सचिव समिति के साथ प्रशासनिक सुधारों और आगामी वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना पर चर्चा की, जबकि दूसरी बैठक में विश्व बैंक सहायतित ‘यू-प्रिपेयर’ प्रोजेक्ट की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के कड़े निर्देश दिए।

प्रशासनिक एवं वित्तीय अनुशासन: 15 फरवरी तक माँगी स्वीकृतियां

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि अगले वित्तीय वर्ष के नए कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि:

  • वार्षिक कैलेंडर: सभी विभाग अपनी गतिविधियों के संचालन हेतु एक वार्षिक कैलेंडर तैयार करें।

  • समय सीमा: नए कार्यों के लिए समस्त वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृतियां 15 फरवरी तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कर ली जाएं।

  • कुंभ मेला-2027: कुंभ से संबंधित प्रक्रियाओं और स्वीकृतियों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखते हुए समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।

सुशासन और जन-सुविधाएं

मुख्य सचिव ने ‘जन-जन की सरकार’ कार्यक्रम की सफलता को देखते हुए तहसील एवं थाना दिवसों को वर्षभर नियमित आयोजित करने के निर्देश दिए। अन्य प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • ई-ऑफिस: जिला और मुख्यालय स्तर पर ई-ऑफिस की प्रगति की समीक्षा अब प्रत्येक सचिव समिति की बैठक में होगी।

  • खाद्य सुरक्षा: प्रदेश में टेस्टिंग लैब की संख्या बढ़ाने और निगरानी तंत्र को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।

  • लेबर कंप्लायंस टूल: श्रमिकों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए इस टूल को पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।

  • नक्शा पासिंग अथॉरिटी: अब सभी विकास प्राधिकरणों को नक्शा पास करने के बाद स्थानीय निकायों के साथ जानकारी साझा करनी होगी ताकि प्रॉपर्टी डेटाबेस अपडेट रहे।

‘यू-प्रिपेयर’ प्रोजेक्ट: पुलों और सड़कों के निर्माण में तेजी के निर्देश

विश्व बैंक सहायतित उत्तराखण्ड डिजास्टर प्रिपेयर्डनेस एंड रेजीलियंट प्रोजेक्ट (यू-प्रिपेयर) की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने कुछ विभागों की धीमी कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की।

परियोजना की मुख्य स्थितियाँ:

  1. पुल निर्माण: लोक निर्माण विभाग द्वारा कुल 45 पुलों का निर्माण किया जाना है, जिनमें से 31 का कार्य अवार्ड हो चुका है। शेष 14 पुलों का कार्य 30 जून, 2026 तक अवार्ड करने का लक्ष्य दिया गया है।

  2. डिजास्टर शेल्टर: USDMA को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में 10 डिजास्टर शेल्टर शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए गए।

  3. अवस्थापना विकास: 19 फायर स्टेशनों के निर्माण और SDRF की प्रशिक्षण सुविधाओं के विस्तार में तेजी लाने को कहा गया।

गतिशक्ति पोर्टल पर प्रोजेक्ट्स की निगरानी

पूंजी निवेश के लिए राज्यों को मिलने वाली विशेष सहायता के तहत सभी प्रोजेक्ट्स को गतिशक्ति पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है। मुख्य सचिव ने कहा कि पोर्टल के माध्यम से इन परियोजनाओं की लगातार डिजिटल मॉनिटरिंग की जाएगी ताकि निर्धारित समय सीमा में काम पूरा हो सके।

बैठक में उपस्थिति: इन बैठकों में प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, श्री एल. फैनई, सचिव श्री शैलेश बगौली, श्री नितेश कुमार झा, श्री सचिन कुर्वे सहित शासन के समस्त वरिष्ठ विभागीय सचिव उपस्थित रहे।

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