भक्ति और विकास का संगम: मुख्यमंत्री धामी ने मां चंडिका महावन्याथ देवरा यात्रा में टेका मत्था, की बड़ी घोषणाएं

रुद्रप्रयाग: जनपद के अगस्त्यमुनि विकासखंड स्थित ग्राम बीरों देवल में आज श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने 20 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद आयोजित हो रही मां चंडिका महावन्याथ देवरा यात्रा में सम्मिलित होकर महायज्ञ में प्रतिभाग किया। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच मुख्यमंत्री ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं

भक्तों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए दो प्रमुख घोषणाएं कीं:

  1. सांस्कृतिक संरक्षण: मां चंडिका मंदिर प्रांगण एवं मंदिर समूह का पुरातत्व विभाग के माध्यम से भव्य पुनर्निर्माण कराया जाएगा।

  2. प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण: तहसील बसुकेदार में नवीन तहसील भवन का निर्माण किया जाएगा, जिससे स्थानीय जनता को प्रशासनिक कार्यों में सुविधा होगी।

“सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है यह महायज्ञ”

मुख्यमंत्री ने इस आयोजन को केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा:

“किसी भी देवस्थान पर पहुंचना मात्र संयोग नहीं, बल्कि ईश्वरीय आह्वान होता है। ऐसे आयोजन हमारी नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं।”

सशक्त उत्तराखंड: कड़े फैसले और विकास

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों और विकास कार्यों का भी उल्लेख किया:

  • समान नागरिक संहिता (UCC): उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना जिसने यूसीसी लागू कर एक मिसाल पेश की।

  • अतिक्रमण मुक्त देवभूमि: राज्य में अब तक 12 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है।

  • सख्त कानून: धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगा-निरोधक प्रावधानों के जरिए देवभूमि के मूल स्वरूप को सुरक्षित रखने का संकल्प दोहराया।

  • भव्य केदारनाथ: 2013 की आपदा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हुए पुनर्निर्माण कार्यों से केदारनाथ के ‘दिव्य और भव्य’ स्वरूप का जिक्र किया।

यात्रा का संक्षिप्त परिचय (Timeline)

मां चंडिका की यह पावन यात्रा सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण है:

  • प्रारंभ: 21 नवम्बर 2025 (लगभग 26 गांवों का भ्रमण)।

  • महायज्ञ: 15 फरवरी 2026 से बीरों देवल में 9 दिवसीय अनुष्ठान शुरू।

  • आगामी कार्यक्रम: 22 फरवरी 2026 को विशाल जलयात्रा का आयोजन होगा।

  • समापन: 24 फरवरी 2026 को पूर्णाहुति के साथ मां अपने दिव्य स्थल पर विराजमान होंगी।

जन-कल्याण पर जोर

कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर जनता को केंद्र एवं राज्य सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक श्रीमती आशा नौटियाल और रुद्रप्रयाग विधायक श्री भरत सिंह चौधरी ने भी क्षेत्र की मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा।

यह दौरा सिद्ध करता है कि धामी सरकार “विकास भी और विरासत भी” के मंत्र पर चलते हुए उत्तराखंड को आदर्श राज्य बनाने की ओर अग्रसर है।

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