हरिद्वार कुंभ 2027: मुख्यमंत्री धामी ने केंद्र से मांगा ₹408 करोड़ का पैकेज, गंगा की ‘निर्मलता’ पर जोर

नई दिल्ली/देहरादून | 24 फरवरी, 2026

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात का मुख्य केंद्र हरिद्वार कुंभ 2027 की भव्य तैयारियां और राज्य की महत्वपूर्ण सिंचाई व जल संरक्षण परियोजनाएं रहीं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप कुंभ को ‘दिव्य और भव्य’ बनाने के लिए केंद्र सरकार से विशेष सहयोग का आग्रह किया।

कुंभ 2027 के लिए ₹408.82 करोड़ की मांग

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) के तहत ₹408.82 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं को जल्द स्वीकृति देने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि जनवरी से अप्रैल 2027 तक चलने वाले इस महाकुंभ में करोड़ों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।

  • प्राथमिकता: गंगा की स्वच्छता, अविरलता और निर्मलता को बनाए रखना।

  • लक्ष्य: कुंभ को पर्यावरणीय दृष्टि से ‘सतत’ (Sustainable) बनाना।

सिंचाई और बाढ़ सुरक्षा: लक्सर-भगवानपुर को बड़ी राहत

बैठक में मुख्यमंत्री ने हरिद्वार जिले के किसानों और निवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा। उन्होंने ₹253 करोड़ के बाढ़ सुरक्षा कार्यों और सिंचाई प्रणालियों के विस्तार की मांग की:

  • नहर क्षमता विस्तार: इकबालपुर नहर प्रणाली, कनखल और जगजीतपुर नहर की क्षमता बढ़ाई जाएगी।

  • लाभ: इससे 665 क्यूसेक अतिरिक्त पानी उपलब्ध होगा, जिससे लगभग 13 हजार हेक्टेयर असिंचित भूमि को पानी मिलेगा।

  • क्षेत्र: इससे विशेष रूप से लक्सर और भगवानपुर क्षेत्र के हजारों किसानों को लाभ होगा और पेयजल समस्या भी हल होगी।

जल जीवन मिशन और नमामि गंगे

मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रहे जल जीवन मिशन के कार्यों को गति देने के लिए अतिरिक्त धनराशि जारी करने का भी अनुरोध किया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को आश्वस्त किया कि केंद्र के सहयोग से राज्य सरकार न केवल कुंभ का ऐतिहासिक आयोजन करेगी, बल्कि गंगा संरक्षण के संकल्प को भी नया आयाम देगी।

केंद्रीय मंत्री श्री सी. आर. पाटिल ने उत्तराखंड की इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए केंद्र की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है।