न्याय और विकास का संगम: हरिद्वार में गृह मंत्री अमित शाह ने किया ‘नूतन न्याय संहिता’ और ‘विकास प्रदर्शनी’ का भव्य शुभारंभ

हरिद्वार: देवभूमि की पावन धरा हरिद्वार आज दो ऐतिहासिक आयोजनों की साक्षी बनी। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने बैरागी कैंप में राज्य सरकार द्वारा आयोजित “नूतन न्याय संहिता” राज्यस्तरीय प्रदर्शनी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार की उपलब्धियों पर आधारित “विकास प्रदर्शनी” का भव्य उद्घाटन किया।

यह आयोजन न केवल उत्तराखंड के प्रशासनिक सुधारों को दर्शाता है, बल्कि राज्य की प्रगतिशील विकास यात्रा का एक सशक्त दस्तावेज भी है।

नूतन न्याय संहिता: आधुनिक न्याय प्रणाली की ओर कदम

भारत सरकार द्वारा लागू किए गए तीन नए कानूनों—भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA)—के प्रति जनजागरूकता फैलाने के उद्देश्य से यह विशेष प्रदर्शनी लगाई गई है।

प्रदर्शनी की मुख्य विशेषताएं:

  • सरल और इंटरैक्टिव: आम नागरिकों, पुलिस अधिकारियों और अधिवक्ताओं को आधुनिक न्याय प्रणाली समझाने के लिए दृश्य एवं इंटरैक्टिव माध्यमों का प्रयोग किया गया है।

  • समयबद्ध न्याय: इसमें चार्जशीट की अनिवार्यता और समयबद्ध जांच पर विशेष फोकस किया गया है।

  • डिजिटल क्रांति: जीरो FIR, ई-एफआईआर और डिजिटल साक्ष्यों की वैधता को प्रदर्शनी में प्रमुखता से दर्शाया गया है।

  • सुरक्षा चक्र: महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों के लिए कड़े प्रावधानों और सात वर्ष से अधिक के अपराधों में अनिवार्य फॉरेंसिक जांच की जानकारी दी गई है।

विशेष बात यह है कि इन नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तराखंड देश में प्रथम स्थान पर रहा है। यह प्रदर्शनी आगामी 9 मार्च तक आम जन के लिए खुली रहेगी।

चार साल बेमिसाल: विकास प्रदर्शनी का अवलोकन

गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल के बीते चार वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित स्टॉल्स का भी अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में राज्य की कायाकल्प करने वाली योजनाओं को प्रदर्शित किया गया है:

  • बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी: सड़कों का सुदृढ़ीकरण और सीमांत क्षेत्रों के विकास का रोडमैप।

  • शिक्षा एवं स्वास्थ्य: स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए बुनियादी सुधार।

  • धरोहर एवं पर्यटन: सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और उत्तराखंड को वैश्विक पर्यटन हब बनाने के प्रयास।

  • ऐतिहासिक निर्णय: मुख्यमंत्री धामी द्वारा लिए गए कड़े और ऐतिहासिक निर्णयों (जैसे नकल विरोधी कानून और समान नागरिक संहिता) को प्रमुखता से स्थान दिया गया है।

सुशासन का संकल्प

गृह मंत्री ने अलग-अलग स्टॉल्स पर जाकर राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि “नूतन न्याय संहिता” की प्रदर्शनी नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति सशक्त बनाएगी, वहीं विकास प्रदर्शनी राज्य के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

हरिद्वार का बैरागी कैंप इन दिनों उत्तराखंड के बदलते स्वरूप का केंद्र बना हुआ है। जहाँ एक ओर नई न्याय व्यवस्था जनता को ‘दंड के बजाय न्याय’ का भरोसा दे रही है, वहीं विकास के मॉडल राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की ओर अग्रसर हैं।

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