अमित शाह की हुंकार: “अटल जी ने उत्तराखंड बनाया, मोदी जी इसे संवार रहे हैं”; 2028 तक भारत में होगा ‘3 साल के भीतर न्याय’

हरिद्वार: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने शनिवार को हरिद्वार के बैरागी कैंप में आयोजित ‘जन-जन की सरकार, 4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम के माध्यम से देवभूमि की जनता को संबोधित किया। अपने ओजस्वी भाषण में उन्होंने उत्तराखंड के निर्माण संघर्ष से लेकर भविष्य के विकसित स्वरूप का खाका खींचा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मोदी-धामी की “डबल इंजन” सरकार उत्तराखंड की समस्याओं को चुन-चुन कर समाप्त कर रही है।

न्याय प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव: 3 साल में मिलेगा फैसला

गृह मंत्री ने नई न्याय संहिता (BNS) को दुनिया की सबसे आधुनिक और वैज्ञानिक प्रणाली बताते हुए इसके दूरगामी प्रभावों की चर्चा की:

  • कानूनी आजादी: अंग्रेजों के बनाए 150 साल पुराने कानूनों को बदलकर भारतीय आत्मा के अनुरूप न्याय संहिता लागू की गई है।

  • समयबद्ध न्याय: श्री शाह ने घोषणा की कि 2028 तक सभी प्रावधान पूरी तरह अमल में आने के बाद, FIR से लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले तक में अधिकतम 3 वर्ष का समय लगेगा।

  • अपील: उन्होंने विशेषकर अधिवक्ताओं और युवाओं से प्रदर्शनी का अवलोकन करने का आह्वान किया।

सीएए (CAA) और घुसपैठ पर कड़ा रुख

अमित शाह ने नागरिकता संशोधन अधिनियम और अतिक्रमण के मुद्दे पर सरकार के संकल्प को दोहराया:

  • शरणार्थियों का सम्मान: उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन शरणार्थियों का भारत पर उतना ही अधिकार है, जितना प्रधानमंत्री मोदी का। तुष्टिकरण की राजनीति अब नहीं चलेगी।

  • घुसपैठियों की विदाई: मुख्यमंत्री धामी द्वारा 10 हजार एकड़ सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की प्रशंसा करते हुए शाह ने कहा, “केदारनाथ से कन्याकुमारी तक एक-एक घुसपैठिए को बाहर निकाला जाएगा।”

  • डेमोग्राफी और UCC: उन्होंने यूसीसी (UCC) को डेमोग्राफी में आ रहे अप्राकृतिक बदलाव को रोकने का सबसे प्रभावी हथियार बताया।

बिना ‘पर्चा’ और बिना ‘खर्चा’ मिल रही नौकरी

उत्तराखंड पुलिस में नवनियुक्त 1900 आरक्षियों को बधाई देते हुए गृह मंत्री ने राज्य की पारदर्शी चयन प्रक्रिया की सराहना की:

  • नकल विरोधी कानून: उन्होंने कहा कि धामी सरकार के कठोर नकल विरोधी कानून के कारण अब राज्य में “बिना पर्चा और बिना खर्चा” के युवाओं को रोजगार मिल रहा है।

  • पारदर्शिता: नौकरियों में भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म कर युवाओं का भविष्य सुरक्षित किया गया है।

विकास के आंकड़े: 54 हजार करोड़ बनाम 1.87 लाख करोड़

केंद्रीय गृह मंत्री ने तुलनात्मक आंकड़े पेश करते हुए बताया कि केंद्र सरकार उत्तराखंड के प्रति कितनी गंभीर है:

  • बजटीय सहायता: 2004-2014 के बीच केंद्र से उत्तराखंड को मात्र ₹54 हजार करोड़ मिले थे, जबकि मोदी सरकार के कार्यकाल में अब तक ₹1 लाख 87 हजार करोड़ दिए जा चुके हैं।

  • इंफ्रास्ट्रक्चर: ऑलवेदर रोड, दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर और रेल परियोजनाओं के माध्यम से राज्य का कायाकल्प हो रहा है।

वाइब्रेंट विलेज और आगामी कुंभ 2027

  • वाइब्रेंट विलेज: सीमांत गांवों को “प्रथम गांव” का सम्मान देकर पलायन रोकने की योजना उत्तराखंड के लिए गेम-चेंजर साबित होगी।

  • कुंभ 2027: उन्होंने घोषणा की कि हरिद्वार में होने वाला 2027 का कुंभ मेला भव्यता के सभी पिछले रिकॉर्ड तोड़ देगा।

अमित शाह का यह दौरा उत्तराखंड की राजनीति और विकास नीति में एक नया आत्मविश्वास फूँकने वाला रहा। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि केंद्र सरकार उत्तराखंड की अस्मिता, सुरक्षा और समृद्धि के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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