देहरादून/अल्मोड़ा: विदेशी भाषाओं को सीखकर सात समंदर पार नौकरी करने का सपना देख रहे युवाओं के लिए धामी सरकार ने सौगातों का पिटारा खोल दिया है। विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन कौशल विकास मंत्री श्री सौरभ बहुगुणा ने घोषणा की कि देहरादून की सफलता के बाद अब अल्मोड़ा में प्रदेश का दूसरा लैंग्वेज ट्रेनिंग सेंटर खोला जाएगा।
यह कदम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उस सोच का हिस्सा है, जिसके तहत उत्तराखंड के युवाओं को केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक बाजार के लिए तैयार करना है।
बजट में भारी उछाल: ₹75 लाख से ₹3.3 करोड़ तक का सफर
मुख्यमंत्री इस योजना को लेकर कितने गंभीर हैं, इसका अंदाजा बजट के आंकड़ों से लगाया जा सकता है। योजना की बढ़ती लोकप्रियता और उपयोगिता को देखते हुए ट्रेनिंग बजट को ₹75 लाख से बढ़ाकर ₹3.3 करोड़ कर दिया गया है। बजट में यह लगभग 4 गुना वृद्धि अधिक से अधिक बच्चों को प्रशिक्षण देने के लक्ष्य को पूरा करेगी।
योजना की अब तक की उपलब्धियां
वर्ष 2023 में शुरू हुई ‘मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना’ ने बेहद कम समय में शानदार परिणाम दिए हैं:
युद्ध के बीच सुरक्षा की चिंता
सदन में चर्चा के दौरान कौशल विकास मंत्री ने एक महत्वपूर्ण संवेदनशीलता भी दिखाई। पश्चिम एशिया (Middle East) में चल रहे युद्ध के हालातों के बीच सरकार विदेशों में कार्यरत उत्तराखंडी युवाओं की सुरक्षा को लेकर सतर्क है। मंत्री ने आश्वस्त किया कि सऊदी अरब में सेवारत युवाओं से निरंतर संपर्क किया जा रहा है और वे पूरी तरह सुरक्षित हैं।
कैसे काम करता है यह ट्रेनिंग सेंटर?
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भाषा कौशल: यहाँ छात्रों को अंग्रेजी, जापानी, फ्रेंच और जर्मन जैसी भाषाओं में पारंगत किया जाता है।
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रोजगार सहायता: प्रशिक्षण के बाद 16 अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से सीधे विदेशों में इंटरव्यू और प्लेसमेंट सुनिश्चित किया जाता है।
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सॉफ्ट स्किल्स: भाषा के साथ-साथ छात्रों को अंतरराष्ट्रीय कार्य संस्कृति के अनुरूप भी ढाला जाता है।
मुख्यमंत्री का संदेश: “हम चाहते हैं कि उत्तराखंड का युवा अपनी प्रतिभा से वैश्विक स्तर पर पहचान बनाए। अल्मोड़ा में नया सेंटर खुलने से कुमाऊं के दूरस्थ क्षेत्रों के मेधावियों को अब देहरादून आने की जरूरत नहीं होगी, उन्हें उनके क्षेत्र में ही विश्वस्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा।”
अल्मोड़ा में नए सेंटर की स्थापना और बजट में वृद्धि यह दर्शाती है कि राज्य सरकार ‘रिवर्स माइग्रेशन’ के साथ-साथ युवाओं को ‘हाइली स्किल्ड’ बनाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सशक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
