ऋषिकेश में अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 का भव्य आगाज़: ‘योग केवल व्यायाम नहीं, समग्र जीवन पद्धति है’ – मुख्यमंत्री

मुनिकीरेती (टिहरी गढ़वाल) – मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुनिकीरेती स्थित गंगा रिजॉर्ट में अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव 2026का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने योग को विश्व पटल पर भारत की सबसे बड़ी पहचान बताते हुए कहा कि आज दुनिया के 180 से अधिक देशों में योग का अभ्यास किया जा रहा है।

योग: आत्मा का परमात्मा से मिलन

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में योग की गहराई को समझाते हुए कहा कि यह केवल शरीर को स्वस्थ रखने का साधन नहीं है, बल्कि यह आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का मार्ग है।

“आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में, जहाँ युवा जल्दी थकान और तनाव महसूस करते हैं, वहाँ योग उनका सबसे बड़ा साथी बन सकता है। यह शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का आधार है।” — मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

उत्तराखंड सरकार की महत्वपूर्ण घोषणाएं और पहल

राज्य को “विश्व की योग राजधानी” के रूप में सुदृढ़ करने के लिए मुख्यमंत्री ने कई प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डाला:

  • योग नीति 2025: राज्य सरकार ने योग को बढ़ावा देने के लिए एक समर्पित नीति तैयार की है।

  • आयुष अधोसंरचना: प्रदेश के हर जनपद में 50 और 10 बेड वाले आयुष चिकित्सालय स्थापित किए जा रहे हैं।

  • बजट का प्रावधान: योग और आध्यात्म के प्रचार-प्रसार के लिए 10 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है।

  • स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन: कुमाऊं और गढ़वाल मंडल में आध्यात्मिक पर्यटन को गति देने के लिए आर्थिक क्षेत्रों (SEZ) की स्थापना की जा रही है।

  • डिजिटल पहल: मुख्यमंत्री ने ‘उत्तराखंड खोज’ योजना का लोकार्पण किया, जो गढ़वाल के हर गाँव को पर्यटन से जोड़ेगी।

7 दिवसीय महोत्सव के मुख्य आकर्षण

गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) और पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित यह 35वाँ महोत्सव योग की परंपरा को वैश्विक स्तर पर ले जा रहा है। इस बार के आयोजन में शामिल हैं:

  1. विविध सत्र: योग, प्राणायाम, ध्यान, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा।

  2. विशेष कार्यक्रम: रन फॉर योगा, हेरिटेज वॉक और अंतर्राष्ट्रीय योग सम्मेलन।

  3. भारी जनभागीदारी: अब तक 2500 से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं और 150 योग संस्थाएं इसमें सहयोग कर रही हैं।

देवभूमि ही योगभूमि है

मुख्यमंत्री ने गर्व से कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि नहीं, बल्कि योगभूमि भी है। यहाँ की पवित्र नदियाँ और शांत वातावरण साधकों को आकर्षित करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से ही आज योग एक वैश्विक उत्सव बन चुका है।

गरिमापूर्ण उपस्थिति

इस कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, वन मंत्री सुबोध उनियाल, एमडी GMVN प्रतीक जैन समेत कई विधायक, जिलाधिकारी और हजारों की संख्या में देश-विदेश से आए योग साधक उपस्थित रहे। महोत्सव के दौरान गुरुकुल कांगड़ी के साधकों द्वारा योग की विभिन्न जटिल क्रियाओं का हैरतअंगेज प्रदर्शन भी किया गया।

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