उत्तराखंड: नीलकंठ और रामनगर में बनेगी मल्टीस्टोरी पार्किंग; मुख्य सचिव ने कई विकास योजनाओं को दी मंजूरी

उत्तराखंड: नीलकंठ और रामनगर में बनेगी मल्टीस्टोरी पार्किंग; मुख्य सचिव ने कई विकास योजनाओं को दी मंजूरी

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में आज सचिवालय में आयोजित व्यय वित्त समिति (EFC) की बैठक में राज्य के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को वित्तीय संस्तुति प्रदान की गई। इस बैठक में शहरी विकास, पेयजल और लोक निर्माण विभाग की करोड़ों की परियोजनाओं पर मुहर लगाई गई।

पर्यटन स्थलों पर पार्किंग संकट होगा दूर

मुख्य सचिव ने तीर्थाटन और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण दो प्रमुख क्षेत्रों में मल्टीस्टोरी पार्किंग के निर्माण को हरी झंडी दी:

  • नीलकंठ महादेव (पौड़ी गढ़वाल): यहाँ ₹5183.65 लाख की लागत से पार्किंग का निर्माण होगा। सुरक्षा के दृष्टिगत मुख्य सचिव ने यहाँ अनिवार्य रूप से जियोटेक्निकल सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं।

  • रामनगर (नैनीताल): कॉर्बेट नेशनल पार्क का प्रवेश द्वार होने के कारण यहाँ ₹3857.64 लाख की लागत से पार्किंग बनाई जाएगी।

    दोनों परियोजनाओं में प्रवेश और निकास के लिए तकनीकी मानकों और पार्किंग गाइडलाइंस का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है।

पेयजल और सीवर परियोजनाओं को विस्तार

पेयजल विभाग के चार प्रमुख प्रस्तावों को समिति ने मंजूरी दी है, जिनसे हजारों लोगों को लाभ होगा:

  1. पीपलकोटी नगर पंचायत: ₹2438.32 लाख की पेयजल योजना।

  2. तिलवाड़ा नगर पंचायत: ₹3986.24 लाख की पेयजल योजना।

  3. ऊखीमठ नगर पंचायत: ₹2578.52 लाख की पेयजल योजना।

  4. लालकुआं नगर पंचायत: ₹37.95 लाख की सीवर लाइन परियोजना।

    मुख्य सचिव ने विशेष रूप से निर्देश दिए कि ग्रेविटी आधारित पेयजल योजनाओं में जल के अपव्यय को रोकने के लिए मीटर लगाए जाएं।

काठगोदाम बाईपास और सेतु निर्माण

लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत काठगोदाम बाईपास मार्ग (राष्ट्रीय राजमार्ग) के 3.5 किलोमीटर हिस्से और उस पर 75 मीटर स्पान के सेतुनिर्माण को मंजूरी दी गई है। ₹1177.93 लाख की इस परियोजना से कुमाऊं क्षेत्र में यातायात सुगम होगा और जाम की समस्या से निजात मिलेगी।

बैठक में उपस्थित अधिकारी

बैठक में सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, श्री दिलीप जावलकर और श्री रणवीर सिंह चौहान सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


क्या आप इनमें से किसी विशिष्ट परियोजना (जैसे नीलकंठ पार्किंग का डिजाइन या पेयजल योजनाओं की समयसीमा) के बारे में अधिक जानकारी चाहेंगे?

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