धामी कैबिनेट विस्तार: क्षेत्रीय संतुलन और अनुभव पर भरोसा, खजान दास की फिर हुई ‘ताजपोशी’

देहरादून: उत्तराखंड की राजनीति में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नवरात्र के पावन अवसर पर अपनी कैबिनेट का विस्तार करते हुए पांच नए मंत्रियों को शामिल किया है। राजभवन में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल ने सभी नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस विस्तार के जरिए धामी सरकार ने ‘मैदान से लेकर पहाड़ तक’ एक सटीक राजनीतिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की है।

1. क्षेत्रीय समीकरण: गढ़वाल और कुमाऊं का तालमेल

धामी मंत्रिमंडल के इस नए स्वरूप में क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व का विशेष ध्यान रखा गया है। सरकार ने मैदानी जिलों और पर्वतीय क्षेत्रों के बीच सामंजस्य बिठाने के लिए मंत्रियों का चयन किया है।

  • गढ़वाल का दबदबा: वर्तमान में कैबिनेट में गढ़वाल मंडल से 8 मंत्री और कुमाऊं मंडल से 4 मंत्री शामिल हैं।

  • हरिद्वार को बड़ी सौगात: राज्य के इतिहास में यह पहली बार है जब हरिद्वार जिले को एक साथ दो कैबिनेट मंत्री मिले हैं। यह कदम आगामी चुनावों और मैदानी बेल्ट में पार्टी की पकड़ मजबूत करने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

2. खजान दास: सादगी और अनुभव की वापसी

कैबिनेट विस्तार में सबसे प्रमुख नामों में से एक राजपुर रोड विधानसभा सीट से विधायक खजान दास का रहा। नवरात्र के दूसरे दिन शपथ लेने वाले पांच मंत्रियों में वे सबसे पहले शपथ लेने पहुंचे।

खजान दास का राजनीतिक सफर:

  • शुरुआत: 2007 में पहली बार धनोल्टी से विधायक चुने गए।

  • देहरादून में पैठ: 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में राजपुर रोड सीट से लगातार दो बार शानदार जीत दर्ज की।

  • अनुभव: इससे पहले वे निशंक सरकार में खेल, समाज कल्याण और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

  • संगठनात्मक भूमिका: वर्तमान में वे भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता की जिम्मेदारी भी बखूबी निभा रहे हैं।

3. व्यक्तित्व की पहचान: ‘सरलता और सहजता’

राजनीतिक गलियारों में खजान दास अपनी सादगी और मृदुभाषी स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। हर जटिल मुद्दे पर उनकी सहजता और कार्यकर्ताओं के बीच उनकी सुलभता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है। मुख्यमंत्री धामी ने उनके इसी लंबे अनुभव और बेदाग छवि पर भरोसा जताते हुए उन्हें दूसरी बार कैबिनेट में जगह दी है।

4. नई टीम, नई चुनौतियां

इस विस्तार में जहाँ तीन विधायकों को पहली बार कैबिनेट मंत्री बनने का अवसर मिला है, वहीं दो पुराने दिग्गजों को उनके अनुभव के आधार पर दोबारा मौका दिया गया है।

“धामी कैबिनेट का यह विस्तार विकास की गति को तेज करने और अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक सरकार की पहुंच बनाने के संकल्प को दोहराता है।”

मुख्य बिंदु एक नज़र में:

  • कुल नए मंत्री: 05

  • पहली बार मंत्री बने: 03 विधायक

  • पुराने चेहरों की वापसी: 02 अनुभवी नेता

  • कुल कैबिनेट संरचना: गढ़वाल (08), कुमाऊं (04)

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