उत्तराखंड के मुख्यमंत्री आवास परिसर में आज प्रकृति और आर्थिकी के संगम का एक अनूठा दृश्य देखने को मिला। मुख्यमंत्री आवास में संचालित मौन पालन (मधुमक्खी पालन) गतिविधि के तहत प्रथम चरण में 60 किलोग्राम शुद्ध शहद का निष्कासन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने न केवल शहद की गुणवत्ता को सराहा, बल्कि राज्य को ‘हनी हब’ बनाने के लिए एक भविष्यवादी रोडमैप भी साझा किया।
‘3-बी गार्डन’ की नई अवधारणा
पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने उद्यान विभाग के अधिकारियों को एक विशेष निर्देश दिया है। अब मुख्यमंत्री आवास और उसके आस-पास के क्षेत्र को 3-बी गार्डन (3-B Garden) के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तीन मुख्य स्तंभ होंगे:
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Bee-Friendly Garden: मधुमक्खियों के अनुकूल पराग और मकरंद वाले पौधों का रोपण।
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Butterfly-Friendly Garden: रंग-बिरंगी तितलियों के संरक्षण के लिए उपयुक्त वातावरण।
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Bird-Friendly Garden: पक्षियों के बसेरे और भोजन के लिए प्राकृतिक आवास का निर्माण।
उत्तराखंड में मौन पालन की अपार संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति और यहाँ मौजूद फूलों की प्रचुरता, उच्च गुणवत्ता वाले जैविक शहद (Organic Honey) उत्पादन के लिए विश्व स्तरीय अवसर प्रदान करती है।
“राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में औषधीय गुणों वाला शहद तैयार करने की अपार क्षमता है। हमें स्थानीय लोगों को इसके लिए प्रेरित करना होगा ताकि यह उनकी आजीविका का सशक्त माध्यम बन सके।” — श्री पुष्कर सिंह धामी
मुख्य बिंदु:
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गुणवत्ता: हिमालयी फूलों से तैयार यह शहद अपने औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है।
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आजीविका: राज्य सरकार का लक्ष्य मौन पालन को स्वरोजगार से जोड़कर ग्रामीणों की आय में वृद्धि करना है।
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उपस्थिति: इस अवसर पर उद्यान प्रभारी श्री दीपक पुरोहित और देवभूमि पर्वतीय ग्रामोद्योग विकास संस्थान के चेयरमैन श्री अजय कुमार सैनी भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री का यह कदम संदेश देता है कि सत्ता के गलियारे भी प्रकृति से जुड़कर विकास का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं। ‘3-बी गार्डन’ जैसी पहल न केवल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करेगी, बल्कि राज्य में ईको-टूरिज्म और पर्यावरण शिक्षा के नए द्वार भी खोलेगी।
