ऋषिकेश/देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व और केंद्र सरकार के साथ प्रभावी समन्वय का एक और बड़ा परिणाम सामने आया है। ऋषिकेश में वर्षों से चली आ रही जाम की समस्या का समाधान करते हुए भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने ऋषिकेश बाईपास 4-लेन परियोजना को अपनी अंतिम हरी झंडी दे दी है। ₹1105.79 करोड़ की इस बड़ी स्वीकृति ने उत्तराखंड के इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में धामी सरकार की एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज कर दी है।
परियोजना का स्वरूप और मार्ग
यह महत्वाकांक्षी परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग-7 (NH-7) पर टीनपानी फ्लाईओवर से शुरू होकर खरासोटे पुल तक विकसित की जाएगी। लगभग 12.67 किलोमीटर लंबा यह बाईपास ऋषिकेश के व्यस्ततम क्षेत्रों को राहत देते हुए भट्टोवाला और ढालवाला गाँवों के बीच से होकर गुजरेगा। सरकार ने इसे EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एवं कंस्ट्रक्शन) मोड पर क्रियान्वित करने का निर्णय लिया है, जिससे कार्य की गुणवत्ता और गति दोनों सुनिश्चित हो सके।
चारधाम यात्रा और पर्यटन को मिलेगा ‘बूस्ट’
ऋषिकेश को ‘चारधाम का द्वार’ कहा जाता है। यात्रा सीजन के दौरान यहाँ लगने वाले भीषण जाम से न केवल स्थानीय जनता परेशान रहती थी, बल्कि तीर्थयात्रियों का भी काफी समय नष्ट होता था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस समस्या को प्राथमिकता पर लेते हुए केंद्र से पैरवी की। इस बाईपास के बनने से:
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चारधाम जाने वाले यात्रियों को ऋषिकेश शहर के भीतर नहीं फंसना पड़ेगा।
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स्थानीय नागरिकों को आवागमन में सुगमता होगी।
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पर्यटन गतिविधियों में तेजी आएगी और राज्य की आर्थिक उन्नति को नई ऊर्जा मिलेगी।
समयबद्ध निर्माण और पारदर्शिता
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, इस परियोजना को तीन वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की समय या लागत वृद्धि स्वीकार नहीं की जाएगी। पूरी प्रक्रिया को ई-टेंडरिंग के माध्यम से पारदर्शी बनाया गया है और वित्त वर्ष 2025-26 के बजट प्रावधानों के तहत इसके लिए धनराशि का आवंटन किया गया है।
मुख्यमंत्री का विजन: सुदृढ़ सड़क नेटवर्क
इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उनकी सरकार राज्य के शहरी और दूरस्थ क्षेत्रों को मजबूत सड़क तंत्र से जोड़ने के लिए संकल्पबद्ध है। मुख्यमंत्री के अनुसार, “यह बाईपास केवल एक सड़क नहीं, बल्कि ऋषिकेश के समग्र विकास और बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।”
ऋषिकेश बाईपास के लिए मिली यह स्वीकृति धामी सरकार की ‘विकासोन्मुखी’ सोच का परिणाम है। 2026 तक उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के संकल्प की दिशा में यह परियोजना एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जो आने वाले समय में पहाड़ की लाइफलाइन को और अधिक मजबूत बनाएगी।
