देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को देहरादून के रेंजर्स ग्राउंड में विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में प्रतिभाग किया। भक्तिमय वातावरण के बीच मुख्यमंत्री ने कथा व्यास ‘धर्मरत्न’ श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज का आशीर्वाद लिया और उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि अशांत मन को शांति और आत्मबोध की ओर ले जाने वाला दिव्य मार्ग है।
भक्ति और सेवा का संगम
मुख्यमंत्री ने श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज के प्रति गहरी श्रद्धा व्यक्त करते हुए उन्हें समर्पण और साधना का अद्वितीय उदाहरण बताया। उन्होंने महाराज जी द्वारा समाज को दी जा रही आध्यात्मिक दिशा की सराहना की। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट के सेवा कार्यों, विशेषकर “प्रियाकांत जू विद्या धन योजना” का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बेटियों की शिक्षा के लिए ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे ये प्रयास महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अनुकरणीय कदम हैं।
राष्ट्रीय और राजकीय स्तर पर सांस्कृतिक पुनर्जागरण
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हो रहे सांस्कृतिक बदलावों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर और महाकाल लोक जैसी परियोजनाएं भारत की सुप्त सांस्कृतिक चेतना को पुनः जागृत कर रही हैं। इसी कड़ी में, उत्तराखंड सरकार भी ‘देवभूमि’ की पौराणिक गरिमा को अक्षुण्ण रखने के लिए प्रतिबद्ध है:
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केदारखंड और मानसखंड: मंदिरों के सौंदर्यीकरण और बुनियादी ढांचे का विकास।
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हरिपुर कालसी: यमुनातीर्थ के पुनरुद्धार का कार्य तेजी से जारी है।
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कॉरिडोर निर्माण: हरिद्वार-ऋषिकेश और शारदा कॉरिडोर के माध्यम से श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं प्रदान करना।
शिक्षा और सनातन मूल्यों का संरक्षण
बौद्धिक स्तर पर भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए मुख्यमंत्री ने दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज’ की स्थापना को एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है। साथ ही, सामाजिक न्याय और समानता सुनिश्चित करने के लिए समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है।
श्रीमद्भागवत: आधुनिक जीवन की समस्याओं का समाधान
भौतिकतावाद के युग में श्रीमद्भागवत की प्रासंगिकता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं और उपदेश जीवन के गूढ़ रहस्यों का सरल समाधान प्रदान करते हैं। यह ग्रंथ भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का अद्भुत समन्वय है, जो मनुष्य को मानसिक शांति प्रदान कर उसे धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
रेंजर्स ग्राउंड में आयोजित इस आध्यात्मिक महोत्सव ने न केवल श्रद्धालुओं को भक्ति रस से सराबोर किया, बल्कि मुख्यमंत्री धामी के संबोधन ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि उत्तराखंड सरकार विकास के साथ-साथ अपनी जड़ों, संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत को सींचने के लिए निरंतर प्रयत्नशील है।
