निकाय कर्मचारियों के सम्मान में सीएम धामी का संबोधन: “शहरों की स्वच्छता और विकास के असली सारथी हैं हमारे कर्मचारी”

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में उत्तराखण्ड निकाय कर्मचारी संयुक्त मोर्चाद्वारा आयोजित ‘आभार रैली’ में प्रतिभाग किया। कर्मचारियों द्वारा मिले इस सम्मान को प्रदेश की देवतुल्य जनता को समर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य के सर्वांगीण विकास में नगर निकाय कर्मचारियों की भूमिका रीढ़ की हड्डी के समान है। उन्होंने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि उनकी सुरक्षा, संतुष्टि और सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

कोरोना योद्धाओं और स्वच्छता मित्रों का वंदन

मुख्यमंत्री ने कोविड-19 महामारी के कठिन दौर को याद करते हुए निकाय कर्मचारियों और पर्यावरण मित्रों के सेवा भाव की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया संकट में थी, तब इन कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं को सुचारु रखा, जो मानवता की एक उत्कृष्ट मिसाल है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा और कुंभ जैसे विशाल आयोजनों का उल्लेख किया, जहाँ इन कर्मचारियों की मेहनत के दम पर ही उत्तराखंड की छवि वैश्विक पटल पर स्वच्छ और सुंदर बनी रहती है।

ऐतिहासिक निर्णय: मानदेय में वृद्धि और सामाजिक सुरक्षा

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राज्य सरकार द्वारा कर्मचारियों के हित में लिए गए क्रांतिकारी निर्णयों को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि सरकार ने कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं:

  • मानदेय में वृद्धि: पर्यावरण मित्रों का मानदेय बढ़ाकर ₹500 प्रतिदिन कर दिया गया है। वहीं, संविदा कर्मचारियों का वेतन ₹7,500 से सीधे ₹15,000 कर दिया गया है।

  • विशेष भत्ता: चारधाम क्षेत्रों में तैनात कर्मचारियों को अतिरिक्त मानदेय के साथ वर्दी और स्नोबूट हेतु ₹2,500 की सहायता दी जा रही है।

  • बीमा सुरक्षा: कर्मचारियों के परिवारों के सुरक्षित भविष्य के लिए ₹5 लाख का ग्रुप टर्म लाइफ इंश्योरेंस सुनिश्चित किया गया है।

  • अन्य लाभ: ईपीएफ (EPF) और ईएसआई (ESI) लाभों को कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

केंद्रीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वच्छ भारत मिशन’ और ‘स्मार्ट सिटी मिशन’ के विजन को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ‘नमस्ते योजना’ और ‘आयुष्मान भारत’ जैसी पहलों के माध्यम से सफाई कर्मचारियों को ‘स्वच्छता मित्र’ के रूप में सम्मानित कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘अमृत योजना’ और ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के माध्यम से शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है, जिसमें निकाय कर्मचारियों का सहयोग अनिवार्य है।

समस्याओं के समाधान का भरोसा

आभार रैली में उमड़े जनसैलाब को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारियों की जो भी लंबित मांगें हैं, उन पर सरकार अत्यंत संवेदनशीलता के साथ विचार कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि चरणबद्ध तरीके से सभी जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिए जाएंगे। इस कार्यक्रम में विधायक श्रीमती सविता कपूर सहित निकाय कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के मुख्य संयोजक सुरेन्द्र तेश्वर और अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने मुख्यमंत्री की कर्मचारी-हितैषी नीतियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह संबोधन केवल एक औपचारिक भाषण नहीं था, बल्कि उन हजारों हाथों के प्रति कृतज्ञता थी जो देवभूमि को स्वच्छ और सुंदर बनाने में दिन-रात जुटे रहते हैं। मानदेय वृद्धि और सामाजिक सुरक्षा के इन फैसलों ने निकाय कर्मचारियों के जीवन में नई उम्मीद की किरण जगाई है।

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