अध्यात्म और विकास का संगम: मुख्यमंत्री धामी ने लिया केदारनाथ धाम के रावल का आशीर्वाद

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में श्री केदारनाथ धाम के रावल श्री श्री श्री 1008 भीमाशंकर लिंग ने शिष्टाचार भेंट की। इस आध्यात्मिक मिलन के दौरान रावल जी ने मुख्यमंत्री को अपना शुभाशीष प्रदान किया और बाबा केदारनाथ से समस्त प्रदेशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि की मंगल कामना की। मुख्यमंत्री ने रावल जी का भव्य स्वागत करते हुए केदारपुरी के नवनिर्माण और आगामी यात्रा सीजन की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की।

केदारपुरी के पुनर्निर्माण पर चर्चा

भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने रावल जी के साथ केदारनाथ धाम में चल रहे द्वितीय चरण के पुनर्निर्माण और मास्टर प्लान के तहत हो रहे विकास कार्यों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप केदारपुरी को भव्य और दिव्य स्वरूप दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने रावल जी को आश्वस्त किया कि निर्माण कार्यों के दौरान धाम की पौराणिक मर्यादा और आध्यात्मिक स्वरूप का पूर्णतः ध्यान रखा जा रहा है।

सुगम और सुरक्षित चारधाम यात्रा का संकल्प

आगामी यात्रा सीजन को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए राज्य सरकार व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा, “तीर्थयात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाएँ हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम एक ऐसा सुव्यवस्थित तंत्र विकसित कर रहे हैं जिससे देश-दुनिया से आने वाले भक्तों को सुगम दर्शन प्राप्त हो सकें।” इस दौरान यात्रा संचालन के तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं पर भी रावल जी से सुझाव लिए गए।

मार्गदर्शन और जनकल्याण

मुख्यमंत्री ने रावल भीमाशंकर लिंग से आशीर्वाद प्राप्त कर प्रदेश की प्रगति और जनकल्याण के लिए उनके आध्यात्मिक मार्गदर्शन की अपेक्षा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि संतों का सानिध्य और मार्गदर्शन ही सरकार को जनसेवा के पथ पर अडिग रहने की शक्ति प्रदान करता है। रावल जी ने केदारनाथ धाम में यात्रियों के लिए किए जा रहे सुधारों और सरकार की संवेदनशीलता की सराहना की।

यह भेंट न केवल एक शिष्टाचार मुलाक़ात थी, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को आधुनिक विकास के साथ जोड़ने के साझा संकल्प का प्रतीक भी रही। मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में सरकार अध्यात्म और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के बीच संतुलन बनाकर ‘नव्य-भव्य केदारपुरी’ के सपने को साकार कर रही है।

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