नई दिल्ली/देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर से शिष्टाचार भेंट की। इस बैठक का मुख्य केंद्र आगामी कुम्भ मेला-2027 की भव्यता और उत्तराखंड के शहरी क्षेत्रों में यातायात व बिजली की बुनियादी सुविधाओं को आधुनिक बनाना रहा। मुख्यमंत्री ने हरिद्वार के कायाकल्प से लेकर देहरादून-ऋषिकेश मेट्रो कॉरिडोर तक के महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर केंद्र से सहयोग का अनुरोध किया, जिस पर केंद्रीय मंत्री ने सकारात्मक आश्वासन दिया है।
कुम्भ-2027: हरिद्वार में बिजली की लाइनों का होगा भूमिगतिकरण
मुख्यमंत्री ने आगामी कुम्भ मेले की सुरक्षा और सुंदरता को ध्यान में रखते हुए हरिद्वार नगर के गंगा कॉरिडोर क्षेत्र में बिजली की लाइनों के भूमिगतिकरण (Underground Cabling) और प्रणाली को पूरी तरह स्वचालित (Automation) करने का प्रस्ताव रखा। इसके लिए उन्होंने:
-
प्रथम चरण: ₹325 करोड़ की तत्काल स्वीकृति का अनुरोध किया।
-
द्वितीय चरण: शेष लगभग ₹425 करोड़ को अनुमोदित करने की बात कही। यह कदम न केवल कुम्भ के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करेगा, बल्कि तीर्थनगरी के दृश्य सौंदर्य (Aesthetic) को भी बढ़ाएगा।
कनेक्टिविटी में क्रांति: मेरठ से हरिद्वार तक रैपिड रेल का विस्तार
उत्तराखंड में पर्यटन और तीर्थाटन को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए मुख्यमंत्री ने परिवहन के क्षेत्र में दो बड़े विजन साझा किए:
-
RRTS विस्तार: दिल्ली-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) को मोदीपुरम (मेरठ) से आगे बढ़ाकर हरिद्वार तक विस्तारित करने का अनुरोध किया। इससे दिल्ली से हरिद्वार की दूरी महज कुछ घंटों में तय की जा सकेगी।
-
मेट्रो कॉरिडोर: देहरादून-हरिद्वार-ऋषिकेश के बीच प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर के विकास में केंद्र के तकनीकी और वित्तीय सहयोग की अपेक्षा की। यह कॉरिडोर भविष्य में राज्य की यातायात व्यवस्था की लाइफलाइन बनेगा।
शहरी अवसंरचना और घाटों का सौंदर्यीकरण
बैठक के दौरान हरिद्वार में घाटों के सौंदर्यीकरण, आवासीय सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर भी गहन चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुम्भ मेला एक अंतरराष्ट्रीय आयोजन है, जिसके लिए केंद्र का सहयोग अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, राज्य के अन्य शहरी निकायों में आधुनिक सुविधाओं के विस्तार हेतु भी चर्चा की गई।
सांस्कृतिक भेंट: बद्री गाय का घी
मुख्यमंत्री ने अपनी इस महत्वपूर्ण भेंट के दौरान देवभूमि की परंपरा का निर्वहन करते हुए केंद्रीय मंत्री को उत्तराखंड का अनूठा उत्पाद ‘बद्री गाय का घी’ उपहार स्वरूप भेंट किया। उन्होंने सभी विषयों पर सकारात्मक रुख अपनाने के लिए केंद्रीय मंत्री का आभार प्रकट किया। मुख्यमंत्री के इन प्रयासों से यह स्पष्ट है कि धामी सरकार उत्तराखंड के प्रमुख शहरों को भविष्य की वैश्विक चुनौतियों के अनुरूप तैयार कर रही है।
हरिद्वार और ऋषिकेश को रैपिड रेल और मेट्रो से जोड़ने का प्रस्ताव उत्तराखंड के विकास के लिए एक ‘गेम चेंजर’ साबित हो सकता है। कुम्भ-2027 से पहले इन परियोजनाओं पर केंद्र का सकारात्मक रुख प्रदेश की जनता के लिए एक बड़ी राहत और गर्व की बात है।
