श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तैयारियां तेज: 20 अप्रैल तक सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश

बदरीनाथ/ज्योतिर्मठ: भू-वैकुंठ श्री बदरीनाथ धाम के कपाट आगामी 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। विश्व प्रसिद्ध इस पावन धाम में कपाट खुलने की पूर्व संध्या पर तैयारियां अब अपने अंतिम और निर्णायक चरण में हैं। इसी सिलसिले में बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) श्री विशाल मिश्रा ने धाम पहुंचकर व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया और अधिकारियों को ‘डेडलाइन’ के भीतर कार्य पूरे करने के सख्त निर्देश दिए।

मास्टर प्लान और सौंदर्यीकरण पर विशेष नजर

निरीक्षण के दौरान सीईओ विशाल मिश्रा ने धाम में चल रहे मास्टर प्लान के कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्य में जुटी संस्थाओं और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट किया कि गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता किए बिना 20 अप्रैल तक सभी अनिवार्य कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। मंदिर परिसर में चल रहे रंग-रोगन और साफ-सफाई के कार्यों का अवलोकन करते हुए उन्होंने वहां मौजूद श्रमिकों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।

मंदिरों की साज-सज्जा और पुष्प सेवा

श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए धाम को भव्य रूप देने की योजना तैयार की गई है। सीईओ ने मंदिर प्रभारी को निर्देशित किया कि नृसिंह मंदिर और योग बद्री मंदिर की साज-सज्जा का कार्य भी 20 अप्रैल तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए। श्री बदरीनाथ धाम को फूलों से सजाने का कार्य 22 अप्रैल तक संपन्न करने के निर्देश दिए गए हैं। इस बार सजावट में गेंदे के साथ-साथ विभिन्न रंगों के गुलाब के फूलों के विशेष उपयोग पर जोर दिया गया है, जिसके लिए दानदाताओं के साथ समय रहते समन्वय करने को कहा गया है।

तकनीक और सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है। सीईओ ने परिसर में लगे सभी CCTV कैमरों को तत्काल दुरुस्त करने और कपाट खुलने से पहले उनका सफल ट्रायल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। लंबी कतारों में खड़े रहने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु जगह-जगह बड़ी स्क्रीनें (एलईडी) लगाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रतीक्षारत श्रद्धालु मंदिर के भीतर होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों और आरती का सीधा आनंद ले सकें।

अतिथि गृह और मार्गदर्शक साइनेज

धाम पहुंचने वाले यात्रियों के मार्ग को सुलभ बनाने के लिए पूरे मंदिर परिसर में 20 अप्रैल से पहले आकर्षक साइनेज (मार्गदर्शक बोर्ड) लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, ज्योतिर्मठ और धाम स्थित मंदिर समिति के अतिथि गृहों की मरम्मत का कार्य भी युद्ध स्तर पर जारी है। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार ज्योतिर्मठ, बीकेटीसी के कार्मिक और मास्टर प्लान से जुड़ी संस्थाओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे, जिन्हें आपसी समन्वय के साथ यात्रा को सफल बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।


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