मुख्यमंत्री धामी ने की पाँच विधानसभा क्षेत्रों की विकास योजनाओं की समीक्षा: जन समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

देहरादून: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सचिवालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की, जिसमें थराली, कर्णप्रयाग, केदारनाथ, रुद्रप्रयाग और देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्रों के लिए की गई मुख्यमंत्री घोषणाओं की अद्यतन स्थिति का जायजा लिया गया। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जन समस्याओं का त्वरित समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे जनप्रतिनिधियों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखें ताकि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा न आए।

स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने पर्वतीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य और शिक्षासेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए। विशेष रूप से आपातकालीन स्थितियों के लिए हेली एंबुलेंस की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने और दूरस्थ क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्यों के प्रस्ताव एक विभाग से दूसरे विभाग को हस्तांतरित करने में अनावश्यक देरी हुई, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

मानसून और चारधाम यात्रा की चुनौतियां

आगामी मानसून और चारधाम यात्रा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने दूरदर्शी निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि वर्षाकाल की चुनौतियों और बाढ़ नियंत्रण कार्यों की समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए जल्द ही एक व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की जाए। चारधाम यात्रा के सुचारू संचालन के लिए उन्होंने सभी तैयारियों को समय पर पूर्ण करने पर जोर दिया। साथ ही, पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए होटल एसोसिएशन के साथ नियमित संवाद करने और कमर्शियल सिलेंडर जैसी समस्याओं के निराकरण के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।

विभागीय समन्वय और निगरानी

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विधायकों द्वारा उठाई गई स्थानीय समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के निर्देश विभागीय सचिवों को दिए। उन्होंने विशेष रूप से वन विभाग के स्तर पर लंबित विकास कार्यों की अलग से समीक्षा करने की बात कही ताकि पर्यावरणीय स्वीकृतियों के कारण कोई परियोजना न रुके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए।

बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी और जनप्रतिनिधि

इस महत्वपूर्ण बैठक में कैबिनेट मंत्री श्री भरत चौधरी सहित थराली, कर्णप्रयाग, केदारनाथ और देवप्रयाग के विधायकगण व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे। प्रशासनिक स्तर पर मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम और विभिन्न विभागों के सचिवों सहित विभागाध्यक्षों ने भाग लिया। संबंधित जिलों के जिलाधिकारी (DMs) भी वर्चुअल माध्यम से बैठक से जुड़े रहे, जिससे जमीनी स्तर की रिपोर्ट पर सीधा संवाद संभव हो सका।

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