देहरादून: उत्तराखंड के समग्र विकास और आगामी कुंभ मेले को वैश्विक स्तर पर भव्य स्वरूप देने के लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने कुंभ मेला-2027 की तैयारियों और वित्तीय वर्ष 2026-27 की जिला योजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु कुल 1200 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि को स्वीकृति प्रदान की है। इस निर्णय से राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और जन-कल्याणकारी योजनाओं की गति में तेजी आएगी।
कुंभ मेला-2027: दिव्य और भव्य आयोजन की तैयारी
हरिद्वार में आयोजित होने वाले ‘कुंभ मेला-2027’ को दिव्य और भव्य बनाने की दिशा में राज्य सरकार पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कुंभ क्षेत्र में अवस्थापना (Infrastructure) सुविधाओं के विकास में तेजी लाने के लिए विभिन्न विभागों की 28 महत्वपूर्ण योजनाओं हेतु ₹282.29 करोड़ की धनराशि का अनुमोदन किया है। इन योजनाओं के माध्यम से सड़कों का सुदृढ़ीकरण, पुलों का निर्माण, स्वच्छता व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
जिला योजनाओं के लिए 1018 करोड़ का आवंटन
प्रदेश के सभी 13 जनपदों के संतुलित और समावेशी विकास को सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने जिला योजना संरचना के अंतर्गत ₹1018.21 करोड़ की धनराशि आवंटित की है। यह धनराशि जनपदवार वितरित की जाएगी, जिससे स्थानीय स्तर पर संचालित विकास योजनाओं, जैसे पेयजल, शिक्षा, ग्रामीण सड़कें और स्वास्थ्य सुविधाओं के क्रियान्वयन को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री का मानना है कि जिला स्तर पर मजबूत योजना निर्माण से ही प्रदेश के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाया जा सकता है।
समयबद्धता और गुणवत्ता पर विशेष जोर
धनराशि आवंटित करने के साथ ही मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन-कल्याण से जुड़ी सभी विकास योजनाओं का क्रियान्वयन न केवल समयबद्ध होना चाहिए, बल्कि उनकी गुणवत्ता से भी कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए ताकि सरकारी धन का सदुपयोग हो और जनता को इन योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके।
समग्र विकास की दिशा में बढ़ता उत्तराखंड
इस भारी-भरकम बजट की स्वीकृति को राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है। एक तरफ जहाँ कुंभ मेले की तैयारियां उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक पटल पर उभारेंगी, वहीं दूसरी तरफ जिला योजनाओं के लिए आवंटित राशि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच के अंतर को पाटने में मददगार साबित होगी। मुख्यमंत्री की यह पहल ‘विकसित उत्तराखंड’ के संकल्प को सिद्ध करने की दिशा में एक प्रभावी कदम है।
