देहरादून: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘देवभूमि’ उत्तराखंड की जीवन रेखा कही जाने वाली चारधाम यात्रा-2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाने के लिए कमर कस ली है। गुरुवार को सचिवालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आगामी यात्रा के दौरान “व्यावसायिक दृष्टिकोण के ऊपर मानवीय संवेदनशीलता” को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुखद अनुभव सुनिश्चित करना राज्य सरकार की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है।
‘ग्रीन एवं क्लीन’ यात्रा: पर्यावरण और स्वच्छता का नया मानक
मुख्यमंत्री ने पिछले वर्षों की तुलना में इस बार “ग्रीन एवं क्लीन चारधाम यात्रा” मुहिम को और अधिक व्यापक बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्लास्टिक प्रदूषण पर पूर्ण अंकुश लगाने के लिए यात्रा मार्गों पर जगह-जगह कलेक्शन बॉक्स स्थापित करने और सख्त निगरानी रखने को कहा है। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यात्रा के संबंध में किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हेली सेवाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं में ‘जीरो टॉलरेंस’
श्रद्धालुओं की जान-माल की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए, सीएम धामी ने हेली सेवाओं के संचालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि:
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सभी हेलीकॉप्टरों की नियमित मेंटेनेंस और फिटनेस जांच अनिवार्य होगी।
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ऑपरेशनल ओवरलोडिंग को रोकने के लिए उड़ानों के बीच पर्याप्त विश्राम दिया जाएगा।
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यात्रा मार्गों पर अस्थायी अस्पतालों और मेडिकल यूनिट्स की संख्या बढ़ाई जाएगी।
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स्वच्छ पेयजल, शौचालयों और पर्याप्त विश्राम स्थलों (शेल्टर) का निर्माण युद्ध स्तर पर किया जाएगा।
डिजिटल मॉनिटरिंग और हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था
2026 की यात्रा को तकनीकी रूप से और भी सुदृढ़ बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने भीड़ नियंत्रण (Crowd Management) के लिए डिजिटल स्लॉट सिस्टम और रियल-टाइम मॉनिटरिंग को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। पूरे यात्रा मार्ग पर CCTV कैमरों और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित निगरानी प्रणाली का उपयोग किया जाएगा, ताकि संवेदनशील स्थानों पर पल-पल की नजर रखी जा सके। किसी भी आपात स्थिति के लिए 24×7 कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन को सक्रिय रखा जाएगा।
महंगाई पर लगाम और निर्बाध आपूर्ति
तीर्थयात्रियों को आर्थिक शोषण से बचाने के लिए मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्ग की प्रत्येक दुकान पर रेट लिस्ट प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही, जिला पूर्ति अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की दैनिक मॉनिटरिंग करें, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी वस्तु की कमी न हो।
ट्रैफिक जाम और आपदा प्रबंधन का ठोस खाका
सड़कों पर यातायात सुगम बनाने के लिए प्रभावी ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है, जिसमें स्थानीय नागरिकों की सुविधा के लिए वैकल्पिक मार्गों की पहचान भी शामिल है। आपदा की स्थिति से निपटने के लिए SDRF और NDRF को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने यात्रा शुरू होने से पहले ही सड़कों के गड्ढे भरने और परिवहन विभाग को वाहनों के ग्रीन कार्ड व फिटनेस प्रमाण पत्र समय पर जारी करने की हिदायत दी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह ‘सख्त एक्शन प्लान’ यह सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है कि चारधाम यात्रा-2026 न केवल सुरक्षित हो, बल्कि देवभूमि आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु के लिए एक अविस्मरणीय और पावन अनुभव बनकर उभरे।
