देहरादून: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के उत्तराखंड आगमन को लेकर राज्य सरकार ने अपनी तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन और पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री दीपम सेठ ने शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कार्यक्रम स्थलों का गहन स्थलीय निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
सुरक्षा व्यवस्था और यातायात योजना पर जोर
मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक ने डाट काली मंदिर से लेकर गढ़ी कैंट स्थित महिंद्रा ग्राउंड तक के पूरे मार्ग की तैयारियों को बारीकी से परखा। मुख्य सचिव ने सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के सख्त निर्देश दिए ताकि प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान किसी भी प्रकार की चूक न हो। उन्होंने विशेष रूप से देहरादून शहर की यातायात व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित करते हुए कहा कि दौरे के दौरान आम जनता को असुविधा न हो, इसके लिए एक ठोस और प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे: विकास की नई राह
निरीक्षण के दौरान मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में मुख्य सचिव ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इस एक्सप्रेसवे के पूर्ण होने से न केवल दिल्ली-एनसीआर से देहरादून पहुंचने का समय काफी कम हो जाएगा, बल्कि यह उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्र के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव साबित होगा। इसके साथ ही, चारधाम यात्रा के लिए कनेक्टिविटी में सुधार होगा और राज्य की आर्थिक गतिविधियों को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।
प्रदेश की खुशहाली के लिए प्रार्थना
निरीक्षण कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य सचिव ने ऐतिहासिक डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ की। इस अवसर पर उन्होंने माथा टेककर प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मंदिर परिसर में भी प्रधानमंत्री के आगमन के दृष्टिगत व्यवस्थाओं का अवलोकन किया गया।
उच्चाधिकारियों की उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव के साथ सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, देहरादून के जिलाधिकारी श्री सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री प्रमेन्द्र सिंह डोभाल और नगर आयुक्त श्रीमती नमामी बंसल सहित कई अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री के स्वागत और सुरक्षा के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं।
