हरिद्वार: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में चारधाम यात्रा को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर मुस्तैदी बढ़ा दी गई है। इसी सिलसिले में जिलाधिकारी हरिद्वार श्री मयूर दीक्षित ने ऋषिकुल मैदान में स्थापित चारधाम यात्रा के ऑफलाइन पंजीकरण केंद्र का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने केंद्र पर व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और पंजीकरण कराने पहुंचे देश-विदेश के श्रद्धालुओं से सीधे बातचीत की। उन्होंने तीर्थयात्रियों से प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, टोकन व्यवस्था और काउंटर प्रबंधन के संबंध में फीडबैक लिया ताकि धरातल पर व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।
निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी श्री मयूर दीक्षित ने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को कड़े लहजे में निर्देशित किया कि चारधाम यात्रा पर आने वाले हर एक श्रद्धालु के लिए पंजीकरण केंद्र पर समुचित एवं चाक-चौबंद व्यवस्थाएं हर समय सुनिश्चित रहनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चिलचिलाती गर्मी और यात्रा के दबाव को देखते हुए श्रद्धालुओं को लाइन में खड़े होने या पंजीकरण कराने के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। केंद्र पर पीने के पानी, बैठने की व्यवस्था, छाया (शेड) और चिकित्सा सुविधाओं जैसे आवश्यक प्रबंध चौबीसों घंटे चालू हालत में रहने चाहिए।
अब तक 39 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने कराया पंजीकरण
इस निरीक्षण के दौरान यात्रा और पंजीकरण के ताजा आंकड़े भी सामने आए। मौके पर मौजूद जिला पर्यटन अधिकारी श्री सुशील नौटियाल ने जिलाधिकारी को विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि चालू यात्रा सीजन में श्रद्धालुओं के भीतर चारधाम दर्शन को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।
पंजीकरण के आंकड़े: जिला पर्यटन अधिकारी के अनुसार, अब तक ऑनलाइन माध्यम से रिकॉर्ड 37,28,571 श्रद्धालु बाबा केदार, बद्री विशाल, गंगोत्री और यमुनोत्री के लिए अपना पंजीकरण करा चुके हैं। वहीं, जो श्रद्धालु ऑनलाइन स्लॉट बुक नहीं कर पाए थे, उनकी सुविधा के लिए ऋषिकुल मैदान में बनाए गए ऑफलाइन पंजीकरण केंद्र पर अब तक 1,94,172 श्रद्धालु अपना ऑफलाइन पंजीकरण करा चुके हैं।
प्रशासन का कहना है कि दोनों ही माध्यमों से आने वाले यात्रियों की संख्या को ट्रैक किया जा रहा है ताकि धामों में भीड़ को नियंत्रित रखा जा सके और किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ेगी, ऑफलाइन केंद्रों पर भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त काउंटरों की व्यवस्था भी तैयार रखी जाए।
