उत्तराखंड में शहरी विकास की नई इबारत: लैंड पूलिंग मॉडल और आधुनिक सुविधाओं से सवरेंगे शहर

देहरादून। राज्य के शहरी क्षेत्रों में बेतरतीब विकास पर अंकुश लगाने और मध्यम एवं निम्न आय वर्ग के परिवारों को ‘सपनों का घर’ उपलब्ध कराने के लिए उत्तराखंड आवास एवं विकास परिषद ने अपनी रणनीति बदल दी है। आवास सचिव एवं आवास आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमारकी अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में कई क्रांतिकारी निर्णयों पर मुहर लगी है।

1. लैंड पूलिंग मॉडल: पारदर्शी विकास की नई राह

बैठक का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु उत्तर प्रदेश की तर्ज पर उत्तराखंड में भी लैंड पूलिंग मॉडल (Land Pooling Model) लागू करने का प्रस्ताव रहा।

  • सहभागिता: इस मॉडल में भूमि स्वामियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

  • अवैध प्लॉटिंग पर रोक: व्यवस्थित कॉलोनियां विकसित होने से अवैध प्लॉटिंग की समस्या समाप्त होगी।

  • बड़ी योजनाएं: इसके माध्यम से बड़े भू-भाग पर पार्क, चौड़ी सड़कों और सामुदायिक केंद्रों के साथ सुव्यवस्थित टाउनशिप विकसित की जा सकेंगी।

2. आधुनिक सामुदायिक केंद्र: कम दरों पर मिलेंगी सुविधाएं

डॉ. आर. राजेश कुमार ने देहरादून, ऋषिकेश, रुड़की और काशीपुर जैसे प्रमुख शहरों में आधुनिक सामुदायिक केंद्र विकसित करने का प्रस्ताव रखा है।

  • किफायती विकल्प: इन केंद्रों का उद्देश्य मध्यमवर्गीय परिवारों को विवाह और सामाजिक आयोजनों के लिए कम दरों पर भव्य स्थान उपलब्ध कराना है।

  • डिजाइन: इन्हें आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया जाएगा।

3. इन शहरों में तेज होगी आवंटन प्रक्रिया

परिषद ने विभिन्न जिलों में लंबित और नई आवासीय योजनाओं को गति देने के निर्देश दिए हैं:

  • प्राथमिकता वाले क्षेत्र: देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार, रुड़की, काशीपुर, जसपुर और अल्मोड़ा।

  • नई योजनाएं: श्रीनगर और जसपुर आवास योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर विकसित किया जाएगा।

  • सुविधाएं: इन सभी योजनाओं में हरित पार्क, चौड़ी सड़कें और मूलभूत बुनियादी ढांचे की अनिवार्य उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

4. केवल भवन नहीं, ‘बेहतर जीवनस्तर’ है लक्ष्य

आवास आयुक्त ने स्पष्ट किया कि परिषद का लक्ष्य केवल कंक्रीट के ढांचे खड़े करना नहीं, बल्कि नागरिकों को बेहतर जीवनस्तर (Quality of Life) प्रदान करना है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि:

  1. योजनाओं की रूपरेखा समयबद्ध (Time-bound) तरीके से तैयार हो।

  2. आवंटन प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाया जाए।

  3. निर्माण में गुणवत्ता के साथ कोई समझौता न हो।

बैठक में उपस्थिति

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में अपर आवास आयुक्त श्री दिनेश प्रताप सिंह, श्री नवीन शाह सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

लैंड पूलिंग मॉडल और आधुनिक सामुदायिक केंद्रों की यह पहल उत्तराखंड के शहरी नियोजन में मील का पत्थर साबित होगी। इससे न केवल आम आदमी को सस्ता घर मिलेगा, बल्कि राज्य के शहरों का स्वरूप भी वैश्विक स्तर का हो सकेगा।

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