Dehradun/Haridwar: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी राज्य में परिवहन सुविधाओं और पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। इसी दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए, मुख्यमंत्री ने केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) यानी ‘नमो भारत’ ट्रेन को मेरठ से आगे बढ़ाकर हरिद्वार तक लाने का प्रस्ताव रखा है।
एनएच-58 के समानांतर दौड़ेगी ‘नमो भारत’
वर्तमान में दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक रैपिड रेल का संचालन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री धामी का विजन है कि इस कॉरिडोर को राष्ट्रीय राजमार्ग-58 (NH-58) के समानांतर हरिद्वार और ऋषिकेश तक विस्तारित किया जाए। यदि यह परियोजना धरातल पर उतरती है, तो दिल्ली से हरिद्वार और ऋषिकेश की दूरी न केवल कम हो जाएगी, बल्कि यात्रियों को बेहद कम समय में विश्वस्तरीय सुगम सफर की सुविधा मिलेगी।
मेट्रो कॉरिडोर से जुड़ेंगे त्रिकोणीय शहर
रैपिड रेल के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने राज्य के भीतर भी एक मजबूत मेट्रो नेटवर्क का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री के समक्ष देहरादून-हरिद्वार-ऋषिकेश मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण की मांग भी प्रमुखता से उठाई। इस कॉरिडोर के बनने से उत्तराखंड के इन तीन प्रमुख शहरों के बीच यातायात का दबाव कम होगा और श्रद्धालुओं व स्थानीय निवासियों के लिए आवागमन बेहद सुरक्षित और आधुनिक हो जाएगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर में आएगी क्रांति
मुख्यमंत्री के प्रयासों का ही परिणाम है कि आगामी 14 अप्रैल को देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस-वे जनता के लिए शुरू होने जा रहा है। अब रैपिड रेल को लेकर की गई यह पहल उत्तराखंड के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित हो सकती है।
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पर्यटन को बढ़ावा: दिल्ली-एनसीआर से आने वाले पर्यटकों के लिए सफर घंटों के बजाय मिनटों का रह जाएगा।
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आर्थिक विकास: बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापारिक गतिविधियों और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
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प्रदूषण में कमी: सार्वजनिक परिवहन के इस आधुनिक विकल्प से सड़कों पर वाहनों का बोझ कम होगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इन प्रयासों से उम्मीद जगी है कि जल्द ही उत्तराखंड का यह ‘रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम कॉरिडोर’ का सपना हकीकत में बदलेगा और राज्य देश के सबसे आधुनिक परिवहन नेटवर्क वाले राज्यों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा।
