चम्पावत में विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का नया अध्याय: मुख्यमंत्री ने दी ₹170 करोड़ की सौगात

चम्पावत: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को जनपद चम्पावत के ऐतिहासिक माता रणकोची मंदिर में पूजा-अर्चना कर राज्य की खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने न केवल चम्पावत के लिए करोड़ों की विकास योजनाओं का उपहार दिया, बल्कि जनसंवाद के माध्यम से शासन को जनता के द्वार तक पहुँचाने के संकल्प को भी दोहराया।

सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण: “कला, परंपरा और पहचान” किट का वितरण

मुख्यमंत्री ने ‘‘मुख्यमंत्री संस्कृति संवर्धन पहल’’ के तहत एक अनूठी शुरुआत की। उन्होंने जनपद के ऐतिहासिक मंदिरों के पुजारियों को विशेष किट वितरित की।

  • किट में शामिल: पारंपरिक वाद्य यंत्र, धार्मिक पुस्तकें, पूजा सामग्री एवं अन्य सांस्कृतिक वस्तुएं।

  • उद्देश्य: देवभूमि की प्राचीन परंपराओं को जीवित रखना और ‘नशामुक्त भारत व नशामुक्त देवभूमि’ के संकल्प को जन-जन तक पहुँचाना।

विकास की बड़ी छलांग: ₹170.15 करोड़ की परियोजनाएं

मुख्यमंत्री ने चम्पावत के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 20 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया:

  1. लोकार्पण: ₹33.95 करोड़ की लागत वाली 9 योजनाओं का जनता को समर्पण।

  2. शिलान्यास: ₹136.20 करोड़ की लागत वाली 11 नई योजनाओं की नींव।

मुख्यमंत्री द्वारा चम्पावत के लिए 7 प्रमुख घोषणाएं

चम्पावत को एक आदर्श जनपद बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने सात महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:

  • बाढ़ सुरक्षा: सीम, खेत, चूका एवं सौराई क्षेत्रों में बाढ़ सुरक्षा कार्य।

  • मंदिर सौंदर्यीकरण: तल्लादेश क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों का पुनरुद्धार।

  • पूर्णागिरि मेला: 2026 के मेले के सुचारु संचालन हेतु ₹2.5 करोड़ की विशेष धनराशि।

  • सड़क सुधार: मंचकारी मोटर मार्ग और रमैला-गागरी-दमतोला मार्ग का डामरीकरण।

  • स्वास्थ्य सेवा: जिला चिकित्सालय की क्रिटिकल यूनिट में लिफ्ट व आधुनिक सुविधाएं तथा ग्रामसभा नीड में आयुष्मान आरोग्य मंदिरकी स्थापना।

  • सैनिक कल्याण: चम्पावत में इंटीग्रेटेड सैनिक कॉम्प्लेक्स हेतु 15 नाली भूमि का आवंटन।

“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार”

जनसंवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत की भूमि आस्था और इतिहास का संगम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल आधारभूत ढांचा तैयार करना नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करना है। उन्होंने बताया कि न्याय पंचायत स्तर पर आयोजित शिविरों से पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है।

“माता रणकोची मंदिर का विकास केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि हमारे सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है। चम्पावत जल्द ही उत्तराखंड का एक आदर्श, सशक्त और आत्मनिर्भर जनपद बनेगा।” — पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

कार्यक्रम में गरिमामयी उपस्थिति

इस ऐतिहासिक अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष गोविन्द सामन्त, नगर पालिका अध्यक्ष (टनकपुर) विपिन वर्मा, जिलाधिकारी मनीष कुमार सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, शासन के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

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