सुशासन की नई मिसाल: “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान से 1.30 लाख शिकायतों का समाधान, CM धामी ने बदली शासन की कार्यशैली

देहरादून | 03 जनवरी 2026 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम प्रदेश में सुशासन और संवेदनशील प्रशासन का सबसे बड़ा प्रतीक बनकर उभरा है। आज जारी हुई दैनिक प्रगति रिपोर्ट (03 जनवरी 2026) के आंकड़े गवाह हैं कि धामी सरकार योजनाओं को फाइलों से निकालकर सीधे जनता की चौखट तक पहुँचाने में सफल रही है।

“दफ्तरों के चक्कर नहीं, जनता के बीच जाएगा प्रशासन”

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अभियान के विजन को स्पष्ट करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य व्यवस्था को बदलना है। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि:

  • जनता को अपनी समस्याओं के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

  • निर्णय लेने में सक्षम बड़े अधिकारी अनिवार्य रूप से जनसेवा कैम्पों में मौजूद रहें।

  • बुजुर्गों, दिव्यांगों और दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए।

“इस अभियान से बिचौलियों और भ्रष्टाचार पर चोट हुई है। सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित होने से त्वरित समाधान की एक नई संस्कृति विकसित हुई है।” — पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

आंकड़ों में सफलता की कहानी (03 जनवरी 2026 तक)

प्रदेश के सभी 13 जनपदों में आयोजित हो रहे इन कैम्पों ने जनभागीदारी के पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।

विवरण अब तक की कुल प्रगति आज की उपलब्धि (03 जनवरी)
आयोजित जनसेवा कैम्प 216 12
नागरिकों की सहभागिता 1,44,134 8,940
प्राप्त शिकायतें/प्रार्थना पत्र 18,360 613
त्वरित निस्तारित मामले 13,068 292
प्रमाण पत्र हेतु आवेदन 24,081 1,808
प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त लाभार्थी 80,712 3,509

एक ही मंच पर समाधान: आय से लेकर पेंशन तक

इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों के नागरिकों को पहली बार एक ही स्थान पर सभी प्रशासनिक सेवाएँ मिल रही हैं।

  1. दस्तावेजीकरण: आय, जाति, निवास और सामाजिक श्रेणी के प्रमाण पत्रों के लिए अब हफ़्तों इंतज़ार नहीं करना पड़ रहा है।

  2. जनकल्याणकारी योजनाएं: सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र व्यक्तियों तक पहुँच रहा है।

  3. पारदर्शिता: हर आवेदन की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि जवाबदेही तय हो सके।

भ्रष्टाचार पर अंकुश और बढ़ता विश्वास

मुख्यमंत्री ने कहा कि “जन-जन की सरकार” कार्यक्रम आज उत्तराखण्ड में सुशासन की नई पहचान बन चुका है। लंबित मामलों की जिला और राज्य स्तर पर नियमित समीक्षा की जा रही है, जिससे शासन की पारदर्शिता और विश्वसनीयता में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है।

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