उत्तराखंड सचिवालय में आकार ले रहा है ‘स्मार्ट वर्किंग कल्चर’: ₹59 करोड़ की लागत से बन रहा 6 मंजिला आधुनिक कार्यालय भवन

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘सरलीकरण, समाधान और निस्तारण’ के विजन को धरातल पर उतारने की दिशा में उत्तराखंड शासन ने एक बड़ा कदम बढ़ाया है। सचिवालय परिसर में बन रहे नए आधुनिक कार्यालय भवन के साथ अब सरकारी कार्यप्रणाली और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और सुविधाजनक होने जा रही है।

आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग के सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने आज निर्माणाधीन भवन का औचक निरीक्षण कर कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि धामी सरकार विकास कार्यों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर चल रही है।

गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं: सचिव डॉ. आर राजेश कुमार

निरीक्षण के दौरान सचिव ने निर्माण कार्यों की प्रगति का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने निर्माण एजेंसी और अधिकारियों को दो टूक निर्देश देते हुए कहा:

“निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कार्य को पूर्ण गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही संपन्न किया जाए।”

परियोजना की मुख्य विशेषताएं (एक नजर में)

सचिवालय परिसर में विश्वकर्मा भवन के समीप बन रहा यह G+5 (छह मंजिला) भवन आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा।

विवरण जानकारी
कुल लागत ₹5934.71 लाख
कुल निर्मित क्षेत्रफल लगभग 1,04,480 वर्ग फीट
पूर्ण होने की तिथि 24 जनवरी 2027
वर्तमान भौतिक प्रगति 15 प्रतिशत
मुख्य ठेकेदार मेसर्स शिव कुमार अग्रवाल

क्या होगा खास इस नए भवन में?

यह भवन केवल ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि शासन की कार्यक्षमता को बढ़ाने वाला एक आधुनिक केंद्र होगा।

  • पार्किंग संकट का समाधान: बेसमेंट में 25 कारों और 100 दोपहिया वाहनों के लिए विशेष पार्किंग स्थल बनाया जा रहा है, जिससे सचिवालय में भीड़ कम होगी।

  • जन-सुविधाएं (ग्राउंड फ्लोर): यहाँ एसबीआई बैंक, पोस्ट ऑफिस, एक विशाल प्रवेश लॉबी और आगंतुकों के लिए वेटिंग एरिया का प्रावधान है।

  • अधिकारियों के लिए आधुनिक ऑफिस: ऊपरी मंजिलों पर सचिव, अपर सचिव से लेकर अनुसचिव स्तर तक के अधिकारियों के लिए व्यवस्थित कार्यालय, स्टाफ कक्ष और अत्याधुनिक मीटिंग हॉल बनाए जा रहे हैं।

समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है कार्य

परियोजना की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, फाउंडेशन और बेसमेंट का सिविल कार्य पूर्ण हो चुका है। वर्तमान में ग्राउंड फ्लोर का कार्य तेजी से चल रहा है, जिसे 10 फरवरी 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

राज्य संपत्ति विभाग द्वारा इस पूरे प्रोजेक्ट की ‘रियल-टाइम’ निगरानी की जा रही है ताकि जनवरी 2027 तक इसे जनता और शासन को समर्पित किया जा सके।

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