नोएडा | 19 जनवरी, 2026
नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। सोमवार को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस त्रासदी के पीछे के भयावह सच को उजागर किया है। रिपोर्ट के अनुसार, युवराज की मौत केवल एक हादसा नहीं थी, बल्कि दो घंटे तक चले मानसिक और शारीरिक संघर्ष का दुखद अंत था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट: मौत के दो कारण
मेडिकल रिपोर्ट में युवराज की मौत के लिए दो मुख्य कारकों को जिम्मेदार ठहराया गया है:
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दम घुटना (Asphyxia): लंबे समय तक प्रतिकूल परिस्थितियों में फंसे रहने के कारण।
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कार्डियक अरेस्ट (हार्ट फेलियर): अत्यधिक ठंड और मानसिक तनाव के कारण हृदय की गति रुक जाना।
बर्फीला पानी और ‘डेथ ट्रैप’ बना बेसमेंट
घटना शनिवार रात की है जब नोएडा कड़ाके की ठंड की चपेट में था। युवराज की कार एक निर्माणाधीन बेसमेंट में जा गिरी, जो बारिश और रिसाव के कारण लबालब भरा हुआ था।
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दो घंटे का संघर्ष: युवराज अपनी जान बचाने के लिए पानी के बीच फंसी कार की छत पर खड़ा होकर करीब दो घंटे तक मदद की गुहार लगाता रहा।
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कोल्ड शॉक: पानी बर्फ की तरह ठंडा था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, लंबे समय तक ठंडे पानी में भीगे रहने और ठंड के कारण युवराज का शरीर ‘हाइपोथर्मिया’ की स्थिति में पहुँच गया होगा।
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मानसिक तनाव: मदद में हो रही देरी और मौत को सामने देख युवराज भारी घबराहट (Panic) का शिकार हो गया, जिससे अंततः उसे कार्डियक अरेस्ट आ गया।
“समय पर मदद मिलती तो बच जाती जान” – स्थानीय लोगों का आक्रोश
हादसे के बाद से ही नोएडा के निवासियों में भारी रोष व्याप्त है। रविवार को घटनास्थल पर जुटे लोगों ने प्रशासन और बिल्डर की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए:
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सुरक्षा मानकों की अनदेखी: स्थानीय लोगों का आरोप है कि बेसमेंट को खुला छोड़ना और वहां जलभराव होना सीधे तौर पर बिल्डर की लापरवाही है।
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विफल रेस्क्यू ऑपरेशन: राहगीरों और निवासियों का कहना है कि युवराज लगातार चिल्ला रहा था, लेकिन सिस्टम की सुस्ती ने उसे बचाने का कीमती समय गंवा दिया। यदि सही संसाधनों के साथ रेस्क्यू टीम समय पर पहुँचती, तो एक होनहार युवा की जान बचाई जा सकती थी।
प्रशासन की कार्रवाई
इस मामले में मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद कार्रवाई तेज हो गई है। संबंधित बिल्डर पर एफआईआर दर्ज की गई है और नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों से जवाब तलब किया गया है। हालांकि, स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह कार्रवाई युवराज के परिवार को वह न्याय नहीं दे सकती, जो समय रहते सुरक्षा इंतजाम करने से मिल सकता था।
मुख्य सारांश:
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मृतक: युवराज मेहता (27 वर्ष), सॉफ्टवेयर इंजीनियर।
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घटनास्थल: नोएडा स्थित एक निर्माणाधीन बेसमेंट।
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कारण: लापरवाही, ठंड और रेस्क्यू में देरी।
