देहरादून: लोक भवन, देहरादून में आयोजित तीन दिवसीय पुष्प प्रदर्शनी ‘बसंतोत्सव-2026’ का सोमवार को रंगारंग समापन हो गया। प्रकृति, संस्कृति और कृषि नवाचार के इस महाकुंभ में जहां IIT रुड़की ने अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करते हुए रनिंग ट्रॉफी पर कब्जा जमाया, वहीं पहली बार शुरू किए गए ‘गवर्नर्स अवार्ड’ ने राज्य के प्रगतिशील किसानों को नई पहचान दी।
1. पुरस्कारों की बौछार: IIT रुड़की अव्वल
इस वर्ष की पुष्प प्रदर्शनी में संस्थागत श्रेणियों में कड़ा मुकाबला देखने को मिला। 15 श्रेणियों की 54 उप-श्रेणियों में कुल 161 पुरस्कार वितरित किए गए।
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प्रथम स्थान: IIT रुड़की ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 13 श्रेणियों में पुरस्कार जीते और ‘चल वैजयंती’ (रनिंग ट्रॉफी) अपने नाम की।
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द्वितीय स्थान: ONGC ने 04 श्रेणियों में पुरस्कार प्राप्त कर दूसरा स्थान हासिल किया।
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राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से. नि.) और मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने विजेताओं को ट्राफियां और प्रशस्ति पत्र भेंट किए।
2. पहली बार ‘गवर्नर्स अवार्ड’ से नवाजे गए किसान
कृषि और बागवानी में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए इस वर्ष से ‘गवर्नर्स अवार्ड’ की नई परंपरा शुरू की गई।
प्रमुख विजेता:
3. आत्मनिर्भरता और नारी शक्ति का प्रदर्शन
राज्यपाल ने अपने संबोधन में बताया कि तीन दिनों में लगभग साढ़े तीन लाख लोगों ने इस उत्सव का आनंद लिया। उन्होंने विशेष रूप से महिला स्वयं सहायता समूहों और दिव्यांग बच्चों द्वारा दी गई योग प्रस्तुतियों (रिद्मिक योगा) की सराहना की।
“नवाचार ही विकसित भारत 2047 का मंत्र है। हमारे उद्यान विभाग के स्टॉल्स ने यह सिद्ध किया है कि पुष्प केवल सौंदर्य नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और आनंद का स्रोत भी हैं।” — राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से. नि.)
4. हरित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ते कदम
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बसंतोत्सव को राज्य की उभरती ‘ग्रीन इकोनॉमी’ का प्रतीक बताया। उन्होंने राज्य सरकार की कृषि नीतियों का रोडमैप साझा किया:
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पुष्प खेती का विस्तार: वर्तमान में राज्य के 656 हेक्टेयर क्षेत्र में व्यावसायिक पुष्प खेती हो रही है।
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बड़ी योजनाएं: किसानों की आय दोगुनी करने के लिए ₹1200 करोड़ की लागत से नई सेब, कीवी, ड्रैगन फ्रूट नीतियां और ‘स्टेट मिलेट मिशन’ लागू किया गया है।
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सब्सिडी: बागवानी को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा 80 प्रतिशत तक की भारी सब्सिडी प्रदान की जा रही है।
5. सांस्कृतिक और संगीत का तड़का
समापन समारोह में IMA (भारतीय सैन्य अकादमी) और ITBP के पाइप बैंड की मधुर धुनों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके अलावा वुशु प्रदर्शन और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उत्सव की रौनक में चार चांद लगा दिए।
बसंतोत्सव-2026 ने न केवल देहरादून को पुष्पों की खुशबू से महकाया, बल्कि पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक नवाचार के मेल से ‘आत्मनिर्भर उत्तराखंड’ की एक सशक्त तस्वीर भी पेश की।
