नई दिल्ली। अक्सर हम अपना ब्लड ग्रुप केवल रक्तदान या इमरजेंसी के समय ही याद करते हैं। लेकिन आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के शोधों ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है—आपका ब्लड ग्रुप आपकी सेहत का आईना भी हो सकता है। हालिया स्टडीज, विशेषकर 2019 की बीएमसी कैंसर (BMC Cancer) रिपोर्ट और डाना-फार्बर कैंसर इंस्टीट्यूट के शोध बताते हैं कि कुछ खास ब्लड ग्रुप वाले लोगों में कैंसर, विशेषकर पेट (गैस्ट्रिक) और पैंक्रियाटिक कैंसर का जोखिम दूसरों की तुलना में अधिक होता है।
कौन सा ब्लड ग्रुप कितना सुरक्षित?
शोध के आंकड़ों के अनुसार, ब्लड ग्रुप ‘O’ वाले व्यक्ति कैंसर के प्रति तुलनात्मक रूप से अधिक सुरक्षित पाए गए हैं। वहीं, ‘A’ और ‘AB’ ग्रुप वाले लोगों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।
1. गैस्ट्रिक (पेट) कैंसर का खतरा
गैस्ट्रिक कैंसर पेट की अंदरूनी परत में कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि से होता है। शोध के अनुसार:
-
ब्लड ग्रुप A: ओ-ग्रुप के मुकाबले 13 से 19 प्रतिशत अधिक जोखिम।
-
ब्लड ग्रुप AB: लगभग 18 प्रतिशत अधिक जोखिम।
-
विशेषज्ञों का मानना है कि ब्लड ग्रुप ‘A’ वाले लोग हेलिकोबैक्टर पाइलोरी (H. pylori) बैक्टीरिया के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं, जो पेट के कैंसर का एक मुख्य कारक है।
2. पैंक्रियाटिक कैंसर का जोखिम
नर्स हेल्थ स्टडी और हेल्थ प्रोफेशनल्स फॉलो-अप स्टडी के विश्लेषण में पाया गया कि:
-
ब्लड ग्रुप A: पैंक्रियाटिक कैंसर का 32 प्रतिशत अधिक जोखिम।
-
ब्लड ग्रुप AB: इसमें यह जोखिम सबसे अधिक 51 प्रतिशत तक देखा गया है।
-
ब्लड ग्रुप O: इस समूह में कुल कैंसर का जोखिम लगभग 16 प्रतिशत कम पाया गया।
जोखिम के पीछे के वैज्ञानिक कारण
डॉक्टरों और वैज्ञानिकों के अनुसार, केवल ब्लड ग्रुप ही कैंसर का कारण नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई सूक्ष्म जैविक प्रक्रियाएं काम करती हैं:
-
इम्यून रिस्पॉन्स: अलग-अलग ब्लड टाइप के आधार पर शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता और सूजन (Inflammation) को कंट्रोल करने का तरीका अलग होता है।
-
सेल इंटरेक्शन: कोशिकाओं के बीच आपसी संपर्क और पेट में एसिड का स्तर भी ब्लड ग्रुप के आधार पर भिन्न हो सकता है।
-
बैक्टीरियल इन्फेक्शन: ब्लड ग्रुप ‘A’ में कुछ विशिष्ट बैक्टीरिया के पनपने की संभावना अधिक होती है।
सावधानी और बचाव: क्या करें?
मेडिकल एक्सपर्ट्स इस बात पर जोर देते हैं कि किसी खास ब्लड ग्रुप का होने का मतलब यह नहीं है कि आपको कैंसर होगा ही। कैंसर एक बहुआयामी बीमारी है जो जीवनशैली और पर्यावरण पर अधिक निर्भर करती है।
बचाव के मुख्य उपाय:
-
स्वस्थ आहार: फल, सब्जियां और फाइबर युक्त भोजन लें।
-
बुरी आदतों से दूरी: धूम्रपान (Smoking) और शराब के सेवन से बचें।
-
मोटापा नियंत्रण: नियमित व्यायाम करें और वजन संतुलित रखें।
-
नियमित चेक-अप: यदि आपके परिवार में कैंसर का इतिहास रहा है या आप हाई-रिस्क ब्लड ग्रुप में आते हैं, तो समय-समय पर डॉक्टर से परामर्श लें।
यद्यपि ब्लड ग्रुप हमें अपनी संभावित संवेदनशीलता के प्रति सचेत करता है, लेकिन एक अनुशासित जीवनशैली ही कैंसर के खिलाफ सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।
