देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के पहाड़ी और सीमांत क्षेत्रों में सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार के निर्णय का स्वागत किया है। भूस्खलन प्रभावित संवेदनशील स्थलों के उपचार और मरम्मत कार्यों के लिए ₹461 करोड़ की भारी-भरकम राशि स्वीकृत किए जाने पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस निर्णय को राज्य की सुरक्षा और आर्थिक प्रगति के लिए दूरगामी प्रभाव वाला कदम बताया है।
यमुनोत्री मार्ग के 17 संवेदनशील स्थलों का होगा कायाकल्प
इस बजट का एक बड़ा हिस्सा उत्तरकाशी जिले के लिए निर्धारित किया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग-134, जो धरासू और कुठनोरी से होते हुए प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम को जोड़ता है, के 17 भूस्खलन प्रभावित स्थलों के उपचार के लिए ₹233 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
-
महत्व: यह मार्ग चारधाम यात्रा का मुख्य पड़ाव है, लेकिन अत्यधिक संवेदनशील होने के कारण अक्सर भूस्खलन से बाधित रहता है।
-
लाभ: इन कार्यों के पूर्ण होने से यात्रा सुगम होगी और मानसून के दौरान भी यातायात निर्बाध बना रहेगा, जिससे देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी।
पिथौरागढ़: सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मार्ग को मिलेगी मजबूती
सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में राष्ट्रीय राजमार्ग-09 के तवाघाट-घटियाबागड़ खंड पर स्थित 3 अत्यंत संवेदनशील स्थलों के उपचार के लिए ₹228 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।
-
सामरिक महत्व: यह मार्ग न केवल स्थानीय आबादी के लिए जीवनरेखा है, बल्कि सामरिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
-
स्थिरता: भारी बजट के साथ होने वाले इन उपचार कार्यों से यह मार्ग हर मौसम में आवागमन के लिए सुरक्षित हो सकेगा, जिससे आपदा के जोखिम को न्यूनतम किया जा सकेगा।
आपदा प्रबंधन और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से उत्तराखंड का सड़क नेटवर्क लगातार सुदृढ़ हो रहा है। भूस्खलन उपचार की यह तकनीक न केवल सड़कों की उम्र बढ़ाएगी, बल्कि राज्य की आपदा प्रबंधन क्षमता को भी नई शक्ति प्रदान करेगी। सुरक्षित सड़कों के निर्माण से प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ साहसिक पर्यटन को भी नई ऊंचाई मिलेगी।
समग्र विकास की ओर बढ़ते कदम
मुख्यमंत्री धामी ने रेखांकित किया कि दुर्गम और सीमांत क्षेत्रों में निर्बाध संपर्क (Seamless Connectivity) स्थापित करना सरकार की प्राथमिकता है। जब सड़कें सुरक्षित होंगी, तभी पहाड़ का पानी और जवानी दोनों सुरक्षित रहेंगे। यह वित्तीय स्वीकृति उत्तराखंड को आत्मनिर्भर और सुरक्षित राज्य बनाने के संकल्प की दिशा में एक सशक्त मील का पत्थर है।
₹461 करोड़ की इस भारी निवेश से उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जैसे जिलों की तस्वीर बदलेगी। आधुनिक इंजीनियरिंग और भूस्खलन रोकथाम तकनीकों के माध्यम से अब हिमालयी मार्गों पर सफर करना पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और सुखद होगा।
