मुख्यमंत्री धामी ने खटीमा में मनाई पारंपरिक होली; अल्मोड़ा मैग्नेसाइट उद्योग को मिली बड़ी राहत

खटीमा/अल्मोड़ा: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने गृह क्षेत्र खटीमा स्थित निजी आवास, नगला तराई में होली का पर्व बेहद सादगी और सांस्कृतिक उल्लास के साथ मनाया। एक ओर जहाँ खटीमा में लोक संस्कृति के रंग बिखरे, वहीं दूसरी ओर अल्मोड़ा से आए मैग्नेसाइट उद्योग के पुनः संचालन के समाचार ने सैकड़ों परिवारों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी।

1. सांस्कृतिक विरासत और ‘विविधता में एकता’ का संगम

मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित होली मिलन समारोह में उत्तराखंड की ‘विविधता में एकता’ की जीवंत झलक देखने को मिली। मुख्यमंत्री श्री धामी ने अपनी पत्नी और परिवार के साथ आए हुए ‘होल्यारों’ का आत्मीय स्वागत किया।

  • सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ: समारोह में हिंदी, कुमाऊंनी, थारू और बंगाली लोक परंपराओं का अद्भुत मिश्रण दिखाई दिया। विभिन्न समुदायों की महिलाओं ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा में लोक गीतों की प्रस्तुति दी।

  • उत्साह का माहौल: मुख्यमंत्री स्वयं को रोक न सके और पारंपरिक लोकधुनों पर होल्यारों के साथ झूमते नजर आए। उन्होंने सभी को अबीर-गुलाल लगाकर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

  • प्रमुख उपस्थिति: इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दर्जा राज्यमंत्री फरजाना बेगम, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया और एसएसपी अजय गणपति सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

2. अल्मोड़ा मैग्नेसाइट उद्योग: 2000 लोगों के लिए ‘होली का उपहार’

होली के इस पावन अवसर पर अल्मोड़ा से एक राहत भरी खबर आई है। माननीय उच्च न्यायालय ने अल्मोड़ा स्थित मैग्नेसाइट उद्योग को चार माह के लिए पुनः संचालन की अनुमति दे दी है।

मुख्य बिंदु:

  • आजीविका का संरक्षण: उद्योग बंद होने से लगभग 500 परिवारों के 2000 लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया था। इस निर्णय से उन्हें बड़ी राहत मिली है।

  • सरकार का प्रयास: राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों से उद्योग ने उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UKPCB) से संचालन हेतु आवश्यक CTO (Consent to Operate) प्राप्त कर लिया है।

  • न्यायालय का रुख: न्यायालय ने श्रमिकों के व्यापक हितों और आर्थिक स्थिरता को देखते हुए यह महत्वपूर्ण अनुमति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री का विजन: विकास और पर्यावरण में संतुलन

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा:

“हमारी सरकार उद्योगों के संरक्षण, पर्यावरणीय मानकों के कड़े अनुपालन और स्थानीय रोजगार सृजन के बीच एक बेहतर संतुलन स्थापित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हम उत्तराखंड में विकास और रोजगार के नए अवसर खोलने के लिए हर स्तर पर सकारात्मक कदम उठा रहे हैं।”

खटीमा में बिखरे होली के रंग और अल्मोड़ा के श्रमिकों को मिला न्याय, यह दर्शाता है कि राज्य सरकार सांस्कृतिक मूल्यों को सहेजने के साथ-साथ प्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक हितों की रक्षा के लिए भी तत्पर है।

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