मुख्यमंत्री धामी ने हल्द्वानी में की विकास कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

हल्द्वानी (नैनीताल): मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सर्किट हाउस, हल्द्वानी में नैनीताल जनपद के विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की। इस उच्चस्तरीय बैठक में प्रशासनिक, पुलिस, वन और विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से आगामी पर्यटन सीजन की तैयारियों, मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम और जमरानी बांध जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की और अधिकारियों को समयबद्ध कार्य करने के सख्त निर्देश दिए।

आदि कैलाश यात्रा और बुनियादी ढांचा विकास

बैठक के दौरान कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि आदि कैलाश यात्रा के लिए 1 मई से पिथौरागढ़ जिला प्रशासन द्वारा इनर लाइन पास जारी किए जाएंगे। पर्यटन को सुगम बनाने के लिए कैंचीधाम बाईपास का कार्य तेजी से चल रहा है, जिसे 30 मई तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, नैनीताल में पार्किंग की समस्या को दूर करने के लिए मेट्रोपोल पार्किंग का निर्माण कार्य भी अगले 10 दिनों में शुरू कर दिया जाएगा।

मानव-वन्यजीव संघर्ष पर सख्त रुख

बढ़ती वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर मुख्यमंत्री ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों में सोलर फेंसिंग लगाई जाए और वन विभाग व पुलिस की संयुक्त ‘क्विक रिस्पॉन्स टीम’ को 24×7 सक्रिय रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे आधुनिक तकनीक का उपयोग कर ऐसे स्थायी समाधान खोजें जिससे लोगों को जंगलों में कम जाना पड़े और वन विभाग के हर स्तर पर जवाबदेही तय हो।

पर्यटन सीजन और ‘ऑपरेशन प्रहार’

आगामी पर्यटन सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नैनीताल आने वाले पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने सड़कों को गड्ढा-मुक्त करने, ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने और शटल सेवाओं को सक्रिय करने पर जोर दिया। कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत पर्यटन स्थलों पर हुड़दंग, नशाखोरी और ओवरचार्जिंग करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के आदेश दिए।

जमरानी बांध और राजस्व गांव का प्रस्ताव

जमरानी बांध परियोजना को तराई और भावर क्षेत्र की जीवनरेखा बताते हुए मुख्यमंत्री ने इसे निर्धारित समयसीमा में पूरा करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस परियोजना से न केवल पेयजल संकट दूर होगा, बल्कि भूजल स्तर में भी सुधार होगा। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की दिशा में तेजी से कार्यवाही करने के निर्देश देते हुए कुमाऊं आयुक्त और जिलाधिकारी को जल्द से जल्द प्रस्ताव शासन को भेजने को कहा।

पेयजल और विद्युत व्यवस्था की तैयारी

भीषण गर्मी और आगामी मानसून को देखते हुए मुख्यमंत्री ने विद्युत स्टेशनों पर सभी आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सिंचाई और पेयजल विभाग को अलर्ट मोड पर रहने को कहा ताकि ग्रीष्मकाल में जनता को पानी और बिजली की किल्लत का सामना न करना पड़े। बैठक में जनप्रतिनिधियों की समस्याओं को सुनते हुए उन्होंने अधिकारियों को उनके त्वरित समाधान के लिए निर्देशित किया।

बैठक में कैबिनेट मंत्री श्री राम सिंह कैड़ा, विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दर्मवाल, कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल और एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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