देहरादून: उत्तराखंड को ‘आदर्श राज्य’ बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने एक साथ कई मोर्चों पर महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। राज्य के बुनियादी ढांचे, सड़क सुरक्षा, आधुनिक न्याय व्यवस्था और आपदा प्रभावितों की मदद के लिए मुख्यमंत्री ने ₹195 करोड़ से अधिक की धनराशि को मंजूरी दी है।
इन स्वीकृतियों में सबसे प्रमुख हिस्सा सौंग बांध और सड़क सुरक्षा को गया है, जो राज्य की भविष्य की जरूरतों के लिए मील का पत्थर साबित होंगे।
1. सौंग बांध और सड़क सुरक्षा: बुनियादी ढांचे पर जोर
मुख्यमंत्री ने “पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता“ (SASCI) योजना के तहत दो बड़े आवंटन किए हैं:
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सौंग बांध पेयजल परियोजना: देहरादून की भविष्य की पेयजल जरूरतों को पूरा करने वाले इस ड्रीम प्रोजेक्ट के लिए ₹103.80 करोड़जारी किए गए हैं।
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सड़क सुरक्षा अनुरक्षण: प्रदेश की सड़कों को सुरक्षित बनाने और उनके रखरखाव के लिए ₹73.11 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है।
2. आधुनिक न्याय व्यवस्था: नए आपराधिक कानूनों का क्रियान्वयन
देश में लागू हुए नए आपराधिक कानूनों को प्रभावी ढंग से जमीन पर उतारने के लिए उत्तराखंड पुलिस और जांच एजेंसियों को ‘हाइ-टेक’ बनाया जा रहा है:
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वर्चुअल कंप्यूटर लैब: सभी जिलों और प्रशिक्षण केंद्रों में लैब स्थापना हेतु ₹4.83 करोड़ स्वीकृत।
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फॉरेंसिक वर्क स्टेशन: अपराध की वैज्ञानिक जांच को गति देने के लिए आधुनिक हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर खरीद हेतु ₹4.30 करोड़मंजूर किए गए हैं।
3. आपदा प्रभावितों को मरहम: उत्तरकाशी के लिए विशेष राहत
अगस्त माह में उत्तरकाशी के धराली क्षेत्र में आई प्राकृतिक आपदा के घावों को भरने के लिए मुख्यमंत्री ने उदारता दिखाई है:
कुल राहत राशि: ₹6.60 करोड़ से अधिक
धराली, मुखवा और हर्षिल: व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और भवनों की क्षति के लिए मुआवजा।
कृषि क्षति: 64 प्रभावित किसानों के लिए ₹6.72 लाख की अतिरिक्त सहायता।
4. सीएम घोषणाओं पर त्वरित अमल
मुख्यमंत्री ने अपनी पूर्व घोषणाओं को प्राथमिकता देते हुए 9 विभिन्न योजनाओं के लिए ₹2.21 करोड़ की धनराशि और उनके शासनादेश तत्काल जारी कर दिए हैं:
प्रमुख विकास कार्य:
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के इन फैसलों से स्पष्ट है कि सरकार का ध्यान केवल बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर ही नहीं, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों के सड़क संपर्क और आपदा प्रभावितों के व्यक्तिगत दुखों के निवारण पर भी समान रूप से केंद्रित है। समयबद्ध शासनादेश जारी होना यह सुनिश्चित करता है कि इन योजनाओं का लाभ जनता को अविलंब मिलेगा।
