मुख्य सचिव का सख्त निर्देश: ‘योजनाओं का बजट किसी भी स्थिति में लैप्स न हो, विकास कार्यों में लाएं तेजी’

देहरादून – मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में सचिव समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य में संचालित विभिन्न विकासात्मक योजनाओं और उनके वित्तीय प्रबंधन की गहन समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि राज्य के विकास के लिए आवंटित धनराशि का शत-प्रतिशत और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करना प्रत्येक विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए।

वित्तीय प्रगति की विस्तृत समीक्षा

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने राज्य और केंद्र पोषित प्रमुख योजनाओं के खर्च के आंकड़ों का विश्लेषण किया, जिनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित शामिल रहे:

  • पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure): राज्य की आधारभूत संरचना के विकास के लिए।

  • CSS एवं EAP स्कीम्स: केंद्र पोषित और बाह्य सहायतित परियोजनाएं।

  • नाबार्ड (NABARD) योजनाएं: ग्रामीण विकास और कृषि बुनियादी ढांचे के लिए।

  • SASCI योजना 2025-26: विशेष सहायता और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रगति।

मुख्य सचिव के प्रमुख दिशा-निर्देश

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को कार्यसंस्कृति में सुधार और परियोजनाओं की गति बढ़ाने के लिए कड़े निर्देश दिए:

  1. बजट उपयोग: उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी योजना का बजट ‘लैप्स’ नहीं होना चाहिए। आवंटित धन का उपयोग निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाए।

  2. बाधाओं का त्वरित समाधान: यदि किसी परियोजना में तकनीकी, प्रशासनिक या प्रक्रियागत बाधा आ रही है, तो विभाग आपस में समन्वय कर उसका तत्काल समाधान निकालें।

  3. मासिक लक्ष्य और मॉनिटरिंग: सभी विभागों को निर्देश दिए गए कि वे अपना मासिक व्यय लक्ष्य (Monthly Expenditure Target)निर्धारित करें और इसकी नियमित निगरानी करें।

  4. लंबित प्रक्रियाओं का निस्तारण: टेंडर प्रक्रिया, प्रशासनिक स्वीकृतियां और तकनीकी अनुमोदनों को बिना किसी देरी के शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए।

“पूंजीगत व्यय राज्य की प्रगति का इंजन है। यदि परियोजनाएं समय पर पूरी होती हैं, तो इससे न केवल राज्य के विकास को गति मिलती है, बल्कि जनसुविधाओं में भी व्यापक सुधार होता है।” — श्री आनंद बर्द्धन, मुख्य सचिव

जिला स्तर पर समीक्षा और जवाबदेही

मुख्य सचिव ने इस बात पर जोर दिया कि केवल सचिवालय स्तर पर ही नहीं, बल्कि जिला स्तर पर भी परियोजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा की जानी चाहिए। इससे जमीनी स्तर पर हो रहे कार्यों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और विकास कार्यों में पारदर्शिता आएगी।

बैठक में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें:

  • प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु

  • प्रमुख सचिव श्री एल. फैनई

  • प्रमुख सचिव श्री धनंजय चतुर्वेदी

  • विशेष सचिव श्री अमित सिन्हा सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष।

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