देहरादून: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज राजधानी के ‘मॉल ऑफ देहरादून’ में बहुचर्चित फिल्म ‘द केरला स्टोरी 2’ देखी। फिल्म देखने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फिल्म समाज में घटित हो रही अत्यंत संवेदनशील घटनाओं को उजागर करती है और जनमानस के बीच जागरूकता फैलाने का एक प्रभावी जरिया है।
UCC और धर्मांतरण विरोधी कानून पर दिया बड़ा बयान
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सामाजिक समरसता और जनसंख्या संतुलन को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कड़े कदमों का उल्लेख करते हुए कहा:
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समान नागरिक संहिता (UCC): उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है जिसने समान नागरिक संहिता लागू कर एक ऐतिहासिक पहल की है। यह कानून समाज में समानता और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
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सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून: प्रदेश में लागू किए गए सख्त कानून से अवैध और जबरन धर्मांतरण की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ऐसे कानून समाज में पारदर्शिता, सुरक्षा और आपसी विश्वास को मजबूत करते हैं।
“हमारा उद्देश्य किसी वर्ग के खिलाफ नहीं, अधिकारों की रक्षा है”
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी विशेष वर्ग को निशाना बनाना नहीं, बल्कि प्रदेश के सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना है। उन्होंने युवाओं से विशेष आह्वान किया कि वे देश और समाज के प्रति जागरूक रहें और सकारात्मक बदलाव लाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
इन जनप्रतिनिधियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
मुख्यमंत्री के साथ फिल्म देखने के दौरान कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जिनमें:
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मेयर श्री सौरभ थपलियाल
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विधायक श्री उमेश शर्मा काऊ
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विधायक श्री दुर्गेश्वर लाल
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पूर्व विधायक श्री राजेश शुक्ला
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि इस प्रकार की फ़िल्में समाज को सोचने, समझने और सच्चाई को स्वीकार करने का अवसर देती हैं। सरकार ऐसे हर रचनात्मक प्रयास का समर्थन करती है जो सामाजिक बुराइयों के खिलाफ चेतना जाग्रत करने का कार्य करें।
