विकासनगर (देहरादून): बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर आज, 11 जनवरी को विभिन्न संगठनों द्वारा दिए गए ‘उत्तराखंड बंद’ के आह्वान का विकासनगर क्षेत्र में कोई विशेष प्रभाव देखने को नहीं मिला। विकासनगर मुख्य बाजार सहित सहसपुर और सेलाकुई में भी व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह सामान्य रहीं और व्यापारियों ने अपनी दुकानें रोजाना की तरह सुबह ही खोल दीं।
‘मिनी मुंबई’ में रफ़्तार बरकरार
पछुवादून का केंद्र माना जाने वाला विकासनगर बाजार, जिसे हिमाचल प्रदेश, जौनसार बावर, चकराता और रवई क्षेत्र के लिए ‘मिनी मुंबई’ भी कहा जाता है, आज पूरी तरह गुलजार नजर आया। सड़कों पर सार्वजनिक परिवहन और निजी वाहनों की आवाजाही सामान्य रही। बाजारों में खरीदारों की भीड़ देखी गई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि स्थानीय व्यापारियों ने बंद के आह्वान को सिरे से खारिज कर दिया है।
व्यापारियों का तर्क: जब CBI जांच की संस्तुति हो गई, तो बंद क्यों?
स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बेहद दुखद घटना है और वे भी बेटी के लिए न्याय चाहते हैं, लेकिन सरकार द्वारा इस मामले में सीबीआई (CBI) जांच की मांग स्वीकार किए जाने के बाद अब बाजार बंद करने का कोई तार्किक आधार नहीं रह जाता है।
विकासनगर के व्यापारियों ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा:
यशपाल सैनी (रेस्टोरेंट्स व्यापारी): “अंकिता हमारी भी बेटी है, हम दिल से उसके लिए न्याय चाहते हैं। लेकिन जब सरकार ने सीबीआई जांच की संस्तुति दे दी है, तो फिर बाजार बंद करके आम जनता और व्यापारियों को परेशान करने का कोई औचित्य नहीं है।”
पृथ्वीचंद (फोटोग्राफर): “मामले की जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है। जांच की संस्तुति मिलने के बाद बंद का आह्वान करना सही नहीं है, इसलिए हमने व्यापार सुचारू रखने का निर्णय लिया।”
हिमाचल और उत्तर प्रदेश की सीमा से सटा है बाजार
गौरतलब है कि विकासनगर कई राज्यों की सीमाओं से सटा होने के कारण व्यापारिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। यहाँ हजारों लोग रोजमर्रा की खरीदारी के लिए पहुँचते हैं। व्यापारियों द्वारा प्रतिष्ठान खुले रखने के फैसले से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां सामान्य बनी रहीं।
