देहरादून: उत्तराखंड सरकार राज्य और केंद्र पोषित योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर पूरी तरह गंभीर है। मंगलवार को सचिवालय में मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने ‘स्टेट प्रगति पोर्टल’ की उच्च स्तरीय समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि अब भविष्य में सभी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की निगरानी इसी डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से की जाएगी। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को अपनी योजनाओं का डेटा शीघ्र अपलोड करने के निर्देश देते हुए कहा कि तकनीक के माध्यम से ही पारदर्शिता और जवाबदेही तय की जा सकती है।
माइलस्टोन आधारित निगरानी और समयबद्धता
मुख्य सचिव ने नियोजन विभाग को निर्देश दिए कि पोर्टल का डिजाइन इस प्रकार हो कि किसी भी योजना की विभागवार और योजनावार विस्तृत समीक्षा की जा सके। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रोजेक्ट के लिए ‘माइलस्टोन’ (चरणबद्ध लक्ष्य) निर्धारित करना अनिवार्य होगा। इससे शासन को यह जानने में आसानी होगी कि कौन सा प्रोजेक्ट धीमी गति से चल रहा है और कहाँ हस्तक्षेप की आवश्यकता है। यह व्यवस्था न केवल लेटलतीफी को रोकेगी, बल्कि सरकारी धन के सदुपयोग को भी सुनिश्चित करेगी।
स्वरोजगार योजनाओं का 5 साल का विश्लेषण
बैठक में मुख्य सचिव ने स्वरोजगार योजनाओं पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि केवल योजनाएं चलाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका वास्तविक परिणाम देखना आवश्यक है। इसके लिए उन्होंने नियोजन विभाग को पिछले 3 से 5 वर्षों की स्वरोजगार योजनाओं का गहन विश्लेषण करने के निर्देश दिए। इस रिपोर्ट के माध्यम से यह समझा जाएगा कि अब तक कितना रोजगार सृजन हुआ है और योजनाओं में क्या खामियां हैं, ताकि उन्हें दूर कर युवाओं को अधिक लाभ पहुँचाया जा सके।
स्वास्थ्य सेवाओं का ‘हॉलिस्टिक प्लान’ और इंफ्रास्ट्रक्चर
पोर्टल का ट्रायल लेते हुए मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जनपदों में निर्माणाधीन अस्पतालों, उप-जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों की प्रगति रिपोर्ट ली। उन्होंने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य विभाग केवल भवन निर्माण तक सीमित न रहे, बल्कि ‘मैन पावर’ (डॉक्टर व स्टाफ) और ‘मशीन अपग्रेडेशन’ को भी अपनी योजनाओं का हिस्सा बनाए। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक ‘हॉलिस्टिक प्लान’ (समग्र योजना) तैयार करने की बात कही और नए भवनों में बेसमेंट पार्किंग को अनिवार्य रूप से शामिल करने पर जोर दिया।
प्रशासनिक मुस्तैदी
इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव श्री सचिन कुर्वे, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम और अपर सचिव सुश्री झरना कमठान सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मुख्य सचिव के इन निर्देशों से साफ है कि धामी सरकार अब ‘स्टेट प्रगति पोर्टल’ को शासन के सबसे शक्तिशाली टूल के रूप में विकसित कर रही है, जिससे राज्य के विकास की रफ्तार को डिजिटल पंख लगेंगे।
‘स्टेट प्रगति पोर्टल’ की यह सक्रियता उत्तराखंड को ‘सुशासन’ (Good Governance) की दिशा में एक कदम और आगे ले जाएगी। डेटा आधारित समीक्षा से न केवल योजनाओं की कमियां दूर होंगी, बल्कि धरातल पर विकास कार्यों का प्रभाव भी स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।
