देहरादून: उत्तराखंड सचिवालय में प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु ने विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों पर विचार-विमर्श करना और उनके समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करना था। प्रमुख सचिव ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार कर्मचारियों के हितों के प्रति संवेदनशील है और उनकी जायज मांगों पर सकारात्मक रुख अपना रही है।
शिक्षकों और मिनिस्टीरियल संवर्ग के लिए महत्वपूर्ण निर्णय
बैठक में राजकीय शिक्षक संघ की मांगों पर चर्चा करते हुए प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि:
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यात्रा अवकाश: शिक्षकों को गृह जनपद आने-जाने के लिए पूर्व की भांति यात्रा अवकाश बहाली हेतु अन्य राज्यों की प्रचलित व्यवस्था का अध्ययन किया जाए।
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पदोन्नति: विद्यालयी शिक्षा विभाग में विभिन्न स्तरों पर लंबित पदोन्नति के प्रकरणों को जल्द निपटाने के निर्देश दिए गए।
उत्तरान्चल फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन के संबंध में:
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ढांचे के पुनर्गठन की मांग पर भारत सरकार की व्यवस्था के आधार पर परीक्षण करने को कहा गया।
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देहरादून में संघ भवन निर्माण हेतु जमीन उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य सेवाएं: ‘गोल्डन कार्ड’ और कैशलेस सुविधा
कर्मचारियों की सेहत को प्राथमिकता देते हुए प्रमुख सचिव ने गोल्डन कार्ड से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की:
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जन औषधि केंद्रों से कैशलेस दवाएं और सुपरस्पेशलिस्ट अस्पतालों में कैशलेस जांच की सुविधा को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए।
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स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए कि वे संगठनों के साथ बैठक कर सुझाव लें और समस्याओं का तत्काल समाधान निकालें।
वेतन विसंगति, भत्ता और पदोन्नति के अवसर
प्रमुख सचिव ने विभिन्न संवर्गों की आर्थिक मांगों पर भी आश्वासन दिया:
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वेतन विसंगति: विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
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भत्ते: वाहन भत्ते में वृद्धि और यात्रा भत्ते की दरों में संशोधन का प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट के सम्मुख रखने के निर्देश दिए गए।
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एसीपी (ACP): तीन पदोन्नति न पा सकने वाले कार्मिकों की एसीपी संबंधी मांग पर विधानसभा सत्र के बाद विस्तृत बैठक होगी।
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डिप्लोमा इंजीनियर्स: कनिष्ठ अभियंताओं की वेतन विसंगति और पदोन्नति के लिए ‘समानांतर गैलरी’ के सृजन हेतु स्टेटस रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया।
विभागों का एकीकरण और पुनर्गठन
बैठक में पेयजल क्षेत्र के लिए एक बड़ा सुझाव सामने आया:
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पेयजल निगम एवं जल संस्थान: इन दोनों संस्थाओं के राजकीयकरण और एकीकरण के संबंध में विभागीय स्तर पर परीक्षण कर प्रस्ताव देने के निर्देश दिए गए हैं।
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चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की मांगों को भी भारत सरकार की व्यवस्था के आलोक में परीक्षण हेतु वित्त एवं कार्मिक विभाग को भेजा गया है।
इस महत्वपूर्ण चर्चा में सचिव वित्त श्री दिलीप जावलकर, अपर सचिव श्री विनीत कुमार, श्रीमती अपूर्वा पाण्डे सहित शिक्षा, कार्मिक और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।प्रमुख सचिव की इस पहल से कर्मचारियों में उत्साह है। अधिकांश तकनीकी और वित्तीय मामलों पर विधानसभा सत्र के बाद निर्णायक कार्रवाई होने की उम्मीद है।
