उत्तरकाशी: देवभूमि की तबाही में देवदूतों की टीम, खोजी कुत्ते, ड्रोन संग रेस्क्यू जारी सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ और बाकी टीमें बिना रुके, बिना थके जी-जान से रेस्क्यू में लगी है, ताकि धराली में फंसे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकाला जा सकें.वहीं, बाकी टीमें जो मदद के लिए पहुंच रही है वो भूस्खलन की वजह से रास्ते में फंसी है क्योंकि भटवाड़ी में उत्तरकाशी-हर्सिल का रास्ता पूरा का पूरा बह चुका है.
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में बादल फटने से धराली गांव में भारी तबाही हुई है. बुधवार को बचाव दलों ने दो शव बरामद किए और 190 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. इस घटना के बाद, मलबे में फंसे लोगों को लेकर चिंता बढ़ गई है. वहीं हमारी टीम ग्राउंड जीरो पर है. सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ और बाकी टीमें बिना रुके, बिना थके जी-जान से रेस्क्यू में लगी है, ताकि वहां फंसे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकाला जा सकें.
वहीं, बाकी टीमें जो मदद के लिए पहुंच रही है वो भूस्खलन की वजह से रास्ते में फंसी है क्योंकि भटवाड़ी में उत्तरकाशी-हर्सिल का रास्ता पूरा का पूरा बह चुका है, जिसे जल्द से जल्द बनाने की कोशिश की जा रही है, ताकि बाकी टीमें भी मौके पर पहुंच सके. मंगलवार दोपहर को खीरगंगा नदी में अचानक आई बाढ़ के कारण धराली गांव का आधा हिस्सा तबाह हो गया था. उत्तराखंड सरकार ने इस हादसे में चार लोगों की मौत की पुष्टि की है. पीएम मोदी ने हरसंभव मदद का पूरा भरोसा दिया है, सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि पीएम मोदी खुद यहां हो रहे रेस्क्यू पर नजर बनाए हुए हैं.
तबाही के बीच देवदूतों की टीम का रेस्क्यू जारी
तबाही के बीच देवदूतों की टीम राहत और बचाव कार्य में जुटी है. खोजी कुत्तों और ड्रोन की मदद से मलबे में फंसे लोगों को खोजा जा रहा है. एसडीआरएफ और सेना की संयुक्त टीमें मौके पर मौजूद हैं. सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल मनीष श्रीवास्तव के अनुसार, 14 राजस्थान राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर हर्षवर्धन के नेतृत्व में 150 जवानों की टीम राहत अभियान में सक्रिय रूप से भाग ले रही है.
