देहरादून: मुख्यमंत्री आवास में मंगलवार को एक अनूठा संगम देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने “एक भारत श्रेष्ठ भारत” अभियान के अंतर्गत उत्तर-पूर्वी राज्यों और लद्दाख से आए युवाओं के साथ सीधा संवाद किया। तीन दिवसीय उत्तराखंड भ्रमण पर आए इन युवाओं ने देवभूमि की आत्मीयता का अनुभव किया। मुख्यमंत्री ने युवाओं के कौतूहल और उनके हर सवाल का जवाब बड़ी ही सहजता से दिया, जिससे हिमालयी राज्यों के बीच सांस्कृतिक सेतु और मजबूत हुआ।
विविधता में एकता: अष्टलक्ष्मी और हिमालय का मिलन
मुख्यमंत्री ने उत्तर-पूर्वी राज्यों को ‘अष्टलक्ष्मी’ की संज्ञा देते हुए कहा कि अरुणाचल की चोटियों से लेकर असम के चाय बागानों और लद्दाख की सुंदरता तक, भारत की विविधता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने छात्रों से कहा, “आप केवल छात्र नहीं, बल्कि अपने-अपने राज्यों की समृद्ध विरासत के सच्चे ब्रांड एंबेसडर हैं।” मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि उत्तराखंड और उत्तर-पूर्वी राज्यों की भौगोलिक परिस्थितियाँ, पहाड़, नदियां और जनजातीय जीवनशैली काफी हद तक समान हैं, जो हमें भावनात्मक रूप से जोड़ती हैं।
महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा पर अटूट प्रतिबद्धता
संवाद के दौरान त्रिपुरा की एक छात्रा ने सुरक्षा और सुविधाओं पर प्रश्न पूछा, जिसके जवाब में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड शिक्षा का बड़ा केंद्र है और यहाँ आने वाले हर छात्र की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वहीं, राज्य में महिलाओं की स्थिति पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ साझा किया कि उत्तराखंड में 2 लाख 65 हजार महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि महिला सशक्तिकरण को धरातल पर उतारने के लिए सरकार ने ₹19,000 करोड़ का जेंडर बजट निर्धारित किया है।
‘लुक ईस्ट’ से ‘एक्ट ईस्ट’ तक का सफर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में उत्तर-पूर्वी राज्यों (North East) में विकास की नई इबारत लिखी गई है। ‘लुक ईस्ट’ नीति अब ‘एक्ट ईस्ट’ में बदल चुकी है। उन्होंने बताया कि पूर्वोत्तर में हजारों किलोमीटर के हाईवे, रेलवे लाइन, गैस ग्रिड और ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क का जाल बिछाया गया है। भारत-म्यांमार-थाईलैंड ट्राई-लेटरल हाईवे जैसी मेगा परियोजनाएं इस क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के केंद्र के रूप में स्थापित कर रही हैं।
युवा शक्ति और राष्ट्र निर्माण
मुख्यमंत्री ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण की असली शक्ति बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया और नई शिक्षा नीति के माध्यम से युवाओं को अवसर प्रदान कर रही है। उत्तराखंड की तरह ही उत्तर-पूर्व में भी बिहू, चेरी ब्लॉसम और नोंगक्रेम जैसे त्योहार लोक संस्कृति की जीवंतता को संजोए हुए हैं। कार्यक्रम में कर्नल अजय कोठियाल की उपस्थिति ने भी युवाओं का उत्साहवर्धन किया।
यह संवाद केवल एक प्रश्न-उत्तर सत्र नहीं था, बल्कि भारत के दो अलग-अलग कोनों को करीब लाने की एक सफल कोशिश थी। मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने न केवल अपनी अतिथि देवो भवः की परंपरा को निभाया, बल्कि उत्तर-पूर्वी युवाओं के मन में देवभूमि के प्रति एक अमिट छाप भी छोड़ी।
