धामी सरकार के चार साल: पंचायतों का आधुनिक स्वरूप और 7000 किमी सड़कों का कायाकल्प; रोपवे परियोजनाओं ने पकड़ी रफ्तार

देहरादून: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के चार वर्षों में प्रदेश की बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। ग्रामीण सशक्तिकरण के लिए जहाँ सैकड़ों पंचायत भवनों का पुनर्निर्माण किया गया है, वहीं परिवहन को सुगम बनाने के लिए सड़कों को ‘गड्ढा मुक्त’ करने और कनेक्टिविटी के लिए ‘रोपवे नेटवर्क’ बिछाने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।

पंचायती राज: ग्रामीण लोकतंत्र की जड़ों को मजबूती

उत्तराखंड की ग्रामीण विकास नीति में पंचायत भवन शासन के सबसे महत्वपूर्ण केंद्र हैं। मुख्यमंत्री धामी के निर्देशों पर विभाग ने जीर्ण-शीर्ण भवनों के कायाकल्प के लिए विशेष अभियान चलाया है:

  • भवनों का निर्माण: पिछले चार वर्षों में प्रदेश भर में 819 पंचायत भवनों का निर्माण और पुनर्निर्माण सफलतापूर्वक संपन्न किया गया है।

  • जीर्ण-शीर्ण भवनों का उपचार: प्रदेश में कुल 5867 पंचायत भवनों में से 1134 भवन जर्जर अवस्था में थे। विभाग ने इनमें से अधिकांश का कायाकल्प कर लिया है और शेष पर कार्य प्रगति पर है।

  • उद्देश्य: विभागीय मंत्री श्री सतपाल महाराज ने सदन में स्पष्ट किया कि इन भवनों के आधुनिक होने से ग्रामीणों को एक ही छत के नीचे डिजिटल और प्रशासनिक सेवाएं सुलभ हो रही हैं।

सड़क सुधार: 7000 किमी से अधिक मार्ग हुए ‘गड्ढा मुक्त’

प्रदेश की सड़कों को सुरक्षित और सुचारू बनाना मुख्यमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल रहा है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने वर्ष 2025-26 में एक बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया है:

  • रिकॉर्ड सुधार: नवंबर 2025 के प्रथम सप्ताह तक विभाग ने कुल 7283 किमी से अधिक सड़कों को गड्ढा मुक्त कर दिया है।

  • मानसून के बाद की सक्रियता: मानसून काल से पूर्व जहाँ 3134 किमी सड़कें ठीक की गईं, वहीं मानसून के बाद तेजी दिखाते हुए 10 नवंबर 2025 तक 4149 किमी सड़कों का पैच वर्क पूरा किया गया।

  • हरिद्वार जनपद: विशेष ध्यान देते हुए अकेले हरिद्वार जनपद में 313 किमी से अधिक सड़कों का नवीनीकरण किया गया, जिससे चारधाम यात्रियों और स्थानीय जनता को बड़ी राहत मिली है।

रोपवे परियोजनाएं: दुर्गम तीर्थाटन अब होगा सुगम

पर्यटन मंत्री श्री सतपाल महाराज ने विधानसभा में राज्य की महत्वाकांक्षी रोपवे परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट पेश की। सरकार पीपीपी (PPP) मोड के जरिए दुर्गम पहाड़ियों को जोड़ने का काम कर रही है:

  • सफल संचालन: कद्दूखाल से सुरकंडा देवी मंदिर के लिए रोपवे का संचालन पहले ही शुरू हो चुका है।

  • निर्माणाधीन परियोजनाएं: चम्पावत में पूर्णागिरी रोपवे और उत्तरकाशी में यमुनोत्री मंदिर रोपवे का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।

  • भविष्य की योजनाएं: गौरीकुंड से केदारनाथ धाम और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब के बीच विश्व स्तरीय रोपवे निर्माण की प्रक्रिया गतिमान है। ये परियोजनाएं पूरी होने के बाद श्रद्धालुओं का घंटों का कठिन सफर कुछ ही मिनटों में पूरा हो सकेगा।

सुदृढ़ बुनियादी ढांचा, समृद्ध उत्तराखंड

पंचायत भवनों का आधुनिकीकरण, सड़कों का सुदृढ़ीकरण और रोपवे जैसी कनेक्टिविटी परियोजनाएं यह सिद्ध करती हैं कि धामी सरकार “विकल्प रहित संकल्प” के साथ उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में अग्रसर है। इन कार्यों से न केवल स्थानीय निवासियों का जीवन सुगम हुआ है, बल्कि पर्यटन और स्वरोजगार के नए द्वार भी खुले हैं।

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