केदारनाथ धाम में भारी बर्फबारी का सितम: थमीं यात्रा की तैयारियाँ, PWD की टीमें बीच रास्ते से लौटीं
रुद्रप्रयाग: विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में कुदरत का कड़ा इम्तिहान जारी है। गुरुवार सुबह से ही बाबा केदार की नगरी में लगातार भारी बर्फबारी हो रही है, जिससे पूरा धाम कई फीट सफेद चादर में लिपट गया है। पिछले कई दिनों से जारी इस बर्फीले मौसम ने आगामी केदारनाथ यात्रा की तैयारियों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
तैयारियों पर बर्फ की मार
यात्रा शुरू होने में अब कुछ ही समय शेष है, लेकिन धाम में जमी मोटी बर्फ और लगातार गिरते फाहे प्रशासन के काम में बाधा डाल रहे हैं:
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बैरंग लौटी टीमें: हाल ही में लोक निर्माण विभाग (PWD) गुप्तकाशी की टीमें पैदल मार्ग और धाम में व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए रवाना हुई थीं। लेकिन अत्यधिक बर्फबारी और कड़ाके की ठंड के कारण उन्हें बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा।
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निर्माण कार्यों पर असर: बर्फ की मोटी परत जमा होने के कारण पैदल मार्ग की सफाई, रेलिंग की मरम्मत और यात्रियों के ठहरने के लिए किए जा रहे बुनियादी निर्माण कार्य फिलहाल ठप पड़े हैं।
कब खुलेंगे बाबा केदार के कपाट?
श्रद्धालुओं के लिए राहत की बात यह है कि कपाट खुलने की तिथि पहले ही घोषित की जा चुकी है। परंपरा के अनुसार, महाशिवरात्रि के पर्व पर तय कार्यक्रम के तहत केदारनाथ धाम के कपाट 26 अप्रैल 2026 को सुबह ब्रह्म मुहूर्त में विधि-विधान के साथ खोले जाएंगे। हालांकि, वर्तमान मौसम को देखते हुए प्रशासन के पास यात्रा मार्ग को सुचारू करने के लिए अब बहुत कम समय बचा है।
मौसम विभाग की चेतावनी और प्रशासन की तैयारी
मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल केदारनाथ और आसपास की चोटियों पर बर्फबारी थमने के आसार कम हैं। आने वाले कुछ दिनों तक हिमपात जारी रहने की संभावना है।
रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। जिलाधिकारी और मेलाधिकारी का कहना है कि जैसे ही बर्फबारी थमेगी, मजदूरों और मशीनों को युद्ध स्तर पर तैनात कर बर्फ हटाने का काम शुरू किया जाएगा ताकि तीर्थयात्रियों को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े।
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