देहरादून: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के ‘विकासोन्मुखी विजन’ को धरातल पर उतारने के लिए शासन स्तर पर कवायद तेज हो गई है। आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में टिहरी और पिथौरागढ़ जनपदों की दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं—चमियाला बहुद्देश्यीय पार्किंग और डीडीहाट टैक्सी स्टैंड—की समीक्षा की गई। इन परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि स्थानीय व्यापार और पर्यटन को भी नई दिशा मिलेगी।
चमियाला (टिहरी): भूमि विवाद सुलझा, अब जल्द शुरू होगा निर्माण
नगर पंचायत चमियाला में प्रस्तावित बहुद्देश्यीय पार्किंग परियोजना लंबे समय से भूमि स्वामित्व की स्पष्टता न होने के कारण लंबित थी। अब आपसी समन्वय से इसके निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
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लागत और बजट: इस परियोजना हेतु ₹166.93 लाख की स्वीकृति दी गई थी, जिसमें से ₹100.158 लाख की पहली किश्त पहले ही जारी की जा चुकी है।
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सहमति का समाधान: स्थानीय व्यापार मंडल ने मीटिंग हॉल और शौचालय निर्माण की शर्त पर अपनी भूमि देने की सहमति दे दी है। 340 वर्गमीटर भूमि पर अब पर्यटन विभाग और नगर पंचायत मिलकर इस परियोजना को तत्काल प्रारंभ करेंगे।
डीडीहाट (पिथौरागढ़): ₹612 लाख से बनेगा ‘हाई-टेक’ परिवहन केंद्र
पिथौरागढ़ के डीडीहाट में बनने वाला टैक्सी स्टैंड अब केवल एक साधारण स्टैंड नहीं, बल्कि एक आधुनिक और समेकित परिवहन केंद्र (Integrated Transport Hub) होगा।
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पुनरीक्षित योजना: गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को देखते हुए परियोजना की लागत को बढ़ाकर ₹612.48 लाख कर दिया गया है।
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आधुनिक सुविधाएं: इसे चरणबद्ध तरीके के बजाय एक ही बार में सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
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प्रक्रिया: क्योंकि लागत ₹5 करोड़ से अधिक है, इसलिए प्रस्ताव को तकनीकी समीक्षा प्रकोष्ठ (TAC) के पास परीक्षण के लिए भेजा गया है। अनुमोदन मिलते ही टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा संबल
आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि ये परियोजनाएं केवल कंक्रीट का ढांचा नहीं हैं, बल्कि ये पर्वतीय क्षेत्रों की हरित अर्थव्यवस्था का आधार हैं।
“मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार हम उन सभी तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं को दूर कर रहे हैं जो परियोजनाओं की गति रोक रही थीं। पार्किंग और टैक्सी स्टैंड जैसी सुविधाओं से स्थानीय व्यापारियों को लाभ होगा और पर्यटकों को भी सुविधा मिलेगी, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।” — डॉ. आर. राजेश कुमार, आवास सचिव
समीक्षा बैठक के मुख्य निष्कर्ष:
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समयबद्धता: लंबित औपचारिकताओं को एक निश्चित समय सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश।
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पारदर्शिता: भूमि संबंधी विवादों को आपसी समन्वय और पारदर्शी संवाद से सुलझाना।
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गुणवत्ता: निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों और आधुनिक तकनीकी सुझावों का समावेश।
पर्वतीय क्षेत्रों में कनेक्टिविटी और पार्किंग उत्तराखंड सरकार की प्राथमिकता सूची में शीर्ष पर है। चमियाला और डीडीहाट की ये परियोजनाएं मुख्यमंत्री की घोषणाओं को समय पर पूरा करने और ‘समृद्ध उत्तराखंड’ के संकल्प को सिद्ध करने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं।
