जनजाति समागम 2026: “देश के सजग प्रहरी हैं हमारे जनजातीय भाई” — चमोली में मुख्यमंत्री धामी ने की घोषणाओं की बौछार

चमोली (बिरही): मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज नीति-माणा जनजाति कल्याण समिति द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘जनजाति समागम 2026’ के समापन समारोह में प्रतिभाग किया। सीमांत क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज के उत्थान के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और क्षेत्र के विकास के लिए कई अहम घोषणाएं कीं।

मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाएं

क्षेत्रीय भावनाओं और विकास की आवश्यकताओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने निम्नलिखित घोषणाएं कीं:

  • शीतकालीन प्रवास एवं भूमि समाधान: नीति घाटी भोटिया जनजाति के शीतकालीन प्रवास और लंबे समय से लंबित भूमि संबंधी मामलों का त्वरित निस्तारण।

  • सांस्कृतिक एवं सामुदायिक विकास: बेडूबगड़ भोटिया पड़ाव में भव्य सामुदायिक भवन का निर्माण और भूमि को सुरक्षित करने हेतु सुरक्षा कार्य।

  • श्रद्धांजलि और सम्मान: ‘चिपको आंदोलन’ की जननी स्व. श्रीमती गौरा देवी जी की प्रतिमा की स्थापना एवं एक समर्पित पार्क का निर्माण।

  • धार्मिक पर्यटन: प्रसिद्ध बैरासकुंड मंदिर का सौंदर्यीकरण।

जनजातीय समाज: परंपरा और सुरक्षा का संगम

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जनजातीय समाज ने सदियों से प्रकृति संरक्षण और अपनी विशिष्ट संस्कृति को जीवित रखा है। उन्होंने कहा:

“हमारे सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय भाई देश के सजग प्रहरी हैं। यह आयोजन न केवल पुरानी परंपराओं को सहेजने का माध्यम है, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का एक पुल भी है।”


केंद्र और राज्य की कल्याणकारी योजनाओं का खाका

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे जनजातीय समाज की आजीविका में क्रांतिकारी सुधार आया है:

योजना/क्षेत्र मुख्य लाभ
शिक्षा प्राइमरी से स्नातकोत्तर तक छात्रवृत्ति और 16 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों का संचालन।
आवास एवं विद्यालय कालसी, बाजपुर और खटीमा में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय; चकराता में नए विद्यालयों का निर्माण।
स्वरोजगार युवाओं के लिए 3 विशेष ITI संस्थान और प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु निःशुल्क कोचिंग
कन्या कल्याण जनजातीय बेटियों की शादी के लिए ₹50,000 की आर्थिक सहायता।
सांस्कृतिक संरक्षण जनजातीय शोध संस्थान के लिए ₹1 करोड़ का कॉर्पस फंड

बुनियादी ढांचे और धार्मिक स्थलों का सुदृढ़ीकरण

सरकार ने सीमांत क्षेत्रों के धार्मिक स्थलों के विकास के लिए बजट जारी कर दिया है:

  1. टिम्मरसैंण महादेव: सौंदर्यीकरण एवं पहुंच मार्ग के लिए ₹26 करोड़

  2. हीरामणि मंदिर: ₹75 लाख की राशि स्वीकृत।

  3. मलारी गांव: सामुदायिक स्थल निर्माण हेतु ₹34 लाख जारी।

होम-स्टे: पलायन रोकने का “ब्रह्मास्त्र”

मुख्यमंत्री ने पलायन पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ‘होम स्टे योजना’ स्वरोजगार का एक सशक्त माध्यम बनी है। अकेले चमोली जनपद में 800 से अधिक होम-स्टे संचालित हो रहे हैं, जिससे 4 हजार से अधिक स्थानीय लोग सीधे तौर पर जुड़ चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी का उदाहरण देते हुए कहा कि आज जनजातीय समाज देश के मुख्यधारा के साथ-साथ सर्वोच्च पदों पर आसीन है। उत्तराखंड सरकार ‘प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान’ के तहत चिन्हित 128 गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए संकल्पित है।

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