न्यायिक सुदृढ़ीकरण और सुलभ न्याय: मुख्यमंत्री धामी ने अधिवक्ताओं के साथ साझा किया भविष्य का विजन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का अधिवक्ताओं के साथ यह संवाद राज्य की न्यायिक प्रणाली को आधुनिक और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर बार एसोसिएशन के साथ हुई यह भेंट ‘सबको न्याय, सुलभ न्याय’ के संकल्प को और मजबूती प्रदान करती है।

देहरादून: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से उनके आवास पर बार एसोसिएशन देहरादून के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात न केवल राज्य सरकार के सफलतापूर्वक चार वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में थी, बल्कि प्रदेश की न्यायिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण विमर्श का मंच भी बनी।

चार वर्षों की उपलब्धियों पर जताया आभार

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को कार्यकाल के चार वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं। अधिवक्ताओं ने राज्य के समग्र विकास के लिए मुख्यमंत्री द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में न्यायिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने और न्यायालय परिसरों में सुविधाओं के विस्तार के लिए अभूतपूर्व कार्य किए गए हैं।

नई आपराधिक संहिताएं: त्वरित न्याय की नई राह

चर्चा का एक मुख्य केंद्र ‘भारतीय न्याय संहिता’ जैसी नई आपराधिक संहिताओं का प्रभावी क्रियान्वयन रहा। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के साथ विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि इन नई व्यवस्थाओं के लागू होने से न्याय प्रणाली अधिक सुदृढ़, त्वरित और जनोन्मुखी बनेगी। मुख्यमंत्री ने इस परिवर्तन में अधिवक्ताओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि न्याय व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए ‘बार और बेंच’ के बीच बेहतर समन्वय अनिवार्य है।

न्यायिक अधोसंरचना का आधुनिकीकरण

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार न्यायिक बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के न्यायालयों का आधुनिकीकरण सरकार की प्राथमिकता है। इसमें डिजिटल सुविधाओं का विस्तार, ई-कोर्ट प्रणाली को बढ़ावा देना और प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाना शामिल है।

अधिवक्ताओं के कल्याण और सुविधाओं पर जोर

अधिवक्ताओं के हितों के संरक्षण पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार बार भवनों के निर्माण, विधि पुस्तकालयों के सुदृढ़ीकरण और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं को कार्य करने के लिए बेहतर वातावरण मिले, इसके लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है।

सुझावों को प्राथमिकता और भविष्य का संकल्प

मुख्यमंत्री ने बार एसोसिएशन को आश्वस्त किया कि अधिवक्ताओं और बार संगठनों द्वारा दिए गए सुझावों को सरकार अत्यंत प्राथमिकता के साथ लेगी। उन्होंने कहा कि आमजन को सुलभ और सस्ता न्याय उपलब्ध कराना ही सुशासन की असली पहचान है। सरकार कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और न्यायिक प्रक्रियाओं में तेजी लाने के लिए हर संभव कदम उठाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *