हरिद्वार: वर्ष 2027 में होने वाले ‘महाकुंभ’ को दिव्य, भव्य और सुरक्षित बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज हरिद्वार को बड़ी सौगात दी। कुंभ मेला नियंत्रण भवन में आयोजित एक गरिमामय समारोह में मुख्यमंत्री ने ₹234.55 करोड़ की लागत वाले 34 प्रमुख अवसंरचना (Infrastructure) कार्यों का शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ये कार्य केवल कुंभ मेले तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि ये हरिद्वार शहर के दीर्घकालीन और स्थायी विकास की नींव रखेंगे।
चार प्रमुख स्तंभों पर टिकी है कुंभ की तैयारी
शिलान्यास किए गए कार्यों को चार मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया गया है, जो श्रद्धालुओं की सुविधा और शहर के ढांचे को आधुनिक बनाएंगे:
1. घाट और सिंचाई अवसंरचना (₹70.54 करोड़)
सिंचाई विभाग के अंतर्गत 07 महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत की गई है:
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अपर गंगा नहर के दोनों तटों पर नए घाटों का निर्माण और पुराने घाटों का पुनर्विकास।
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90 मीटर स्पान वाले आधुनिक कम्पोजिट स्टील गर्डर द्वि-लेन सेतु का निर्माण।
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श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए 03 अस्थायी पुलों की स्थापना और मरम्मत।
2. सड़क एवं परिवहन ढांचा (₹127.23 करोड़)
लोक निर्माण विभाग द्वारा 12 बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू किया गया है:
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बहादराबाद-सिडकुल मार्ग का चार लेन में चौड़ीकरण।
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राष्ट्रीय राजमार्ग-334 (दिल्ली-हरिद्वार-देहरादून) का सुदृढ़ीकरण।
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नगर क्षेत्र की सड़कों का बिटुमिनस कंक्रीट (BC) द्वारा नवीनीकरण और फुटपाथों का सौंदर्यीकरण।
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हरिद्वार मास्टर प्लान के तहत प्रशासनिक रोड कॉरिडोर का विकास।
3. पेयजल और जल आपूर्ति (₹18.11 करोड़)
जल संस्थान के माध्यम से 09 परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ:
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पंपिंग जलापूर्ति योजनाओं का पुनर्गठन।
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1500 केएल क्षमता के विशाल ओवरहेड टैंक और ट्यूबवेल का निर्माण।
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जल संग्रहण हेतु 05 आरसीसी इन्फिल्ट्रेशन कुओं का निर्माण।
4. श्रद्धालु सुविधाएँ एवं सुरक्षा (₹18.67 करोड़)
6 अन्य महत्वपूर्ण सहायक कार्यों को मंजूरी दी गई है:
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चंडी देवी और मनसा देवी मंदिर मार्ग पर तीर्थयात्रियों के लिए विशेष सुविधाओं का विकास।
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पुलिस बल के लिए नई बैरक और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए औषधि भंडारण कक्ष का निर्माण।
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मेला नियंत्रण भवन (CCR) का नवीनीकरण।
सुशासन और समयबद्धता का संकल्प
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा:
“हमारा लक्ष्य हरिद्वार को विश्व स्तरीय सुविधाओं से लैस करना है। कुंभ-2027 के ये निर्माण कार्य आने वाले कई दशकों तक श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों की सेवा करेंगे।”
आज का यह शिलान्यास समारोह दर्शाता है कि सरकार कुंभ के आयोजन को लेकर कितनी गंभीर है। हरिद्वार अब केवल एक तीर्थ नगरी ही नहीं, बल्कि एक आधुनिक बुनियादी ढांचे वाले शहर के रूप में उभरने को तैयार है, जहाँ आध्यात्मिकता और आधुनिकता का अद्भुत संगम होगा।
