देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। इस बैठक में पर्यावरण संरक्षण से लेकर कलाकारों के कल्याण और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण तक, कुल 11 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी है।
1. पर्यावरण और जनता को बड़ी राहत: CNG और PNG के दाम घटेंगे
राज्य सरकार ने ‘हरित और स्वच्छ ऊर्जा’ (Green & Clean Energy) को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है।
-
टैक्स में कटौती: राज्य में PNG और CNG पर वर्तमान में लागू 20% वैट (VAT) की दर को घटाकर अब 5% कर दिया गया है।
-
प्रभाव: इस फैसले से न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि आम जनता और उद्योगों को सस्ती गैस उपलब्ध होगी।
2. कलाकारों और लेखकों को सम्मान: अब मिलेगी दोगुनी पेंशन
सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखने वाले प्रदेश के कलाकारों और लेखकों के लिए सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है।
-
पेंशन वृद्धि: वृद्ध एवं विपन्न कलाकारों की मासिक पेंशन ₹3,000 से बढ़ाकर ₹6,000 कर दी गई है।
-
संशोधन: इसके लिए ‘उत्तराखंड वृद्ध एवं विपन्न कलाकार तथा लेखक मासिक पेंशन (संशोधन) नियमावली, 2025′ को मंजूरी दी गई है।
3. स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार: डॉक्टरों को 50% अतिरिक्त भत्ता
पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कड़े फैसले लिए हैं:
-
विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए प्रोत्साहन: पर्वतीय और अति-दुर्गम क्षेत्रों में सेवा देने वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों को 50% अतिरिक्त भत्ता दिया जाएगा।
-
प्रोफेसरों की सेवानिवृत्ति आयु: मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर की नियुक्ति की आयु सीमा 50 से बढ़ाकर 62 वर्षकर दी गई है।
-
हाइब्रिड मोड में गोल्डन कार्ड: आयुष्मान योजना अब 100% इंश्योरेंस मोड पर चलेगी, जबकि गोल्डन कार्ड हाइब्रिड मोड में संचालित होगा। ₹5 लाख तक के क्लेम बीमा से और उससे ऊपर के क्लेम ट्रस्ट मोड से भुगतान होंगे।
4. किसानों के लिए खुशखबरी: सेब खरीद की दरें तय
आपदा प्रभावित धराली (उत्तरकाशी) और आसपास के क्षेत्रों के सेब उत्पादकों को राहत देते हुए कैबिनेट ने खरीद दरें घोषित की हैं:
-
रॉयल डिलीशियस सेब: ₹51 प्रति किलोग्राम।
-
रेड डिलीशियस व अन्य: ₹45 प्रति किलोग्राम। उद्यान विभाग द्वारा इन दरों पर सेब का उपार्जन किया जाएगा।
5. व्यापार सुगमता (EoDB): नक्शा पास कराना हुआ आसान
छोटे भवनों और आवासीय मकानों के निर्माण के लिए अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे।
-
स्व-प्रमाणीकरण: कम जोखिम वाले भवनों के नक्शे अब एम्पैनल्ड आर्किटेक्ट (Empanelled Architect) द्वारा स्व-प्रमाणित किए जा सकेंगे।
-
MSME को बढ़ावा: औद्योगिक भूखंडों के लिए ‘उत्तराखंड सामान्य औद्योगिक विकास नियंत्रण नियम’ में संशोधन कर ग्राउंड कवरेज को बढ़ाया गया है।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय:
-
वर्कचार्ज कर्मचारियों को पेंशन: सिंचाई और लोक निर्माण विभाग के वर्कचार्ज कर्मियों की सेवा अवधि को अब पेंशन गणना में शामिल किया जाएगा।
-
प्रेस क्लब देहरादून: परेड ग्राउंड स्थित प्रेस क्लब की भूमि सूचना विभाग को हस्तांतरित होगी और विभाग वहां आधुनिक भवन का निर्माण करेगा।
-
बांस एवं रेशा विकास परिषद: परिषद के संगठनात्मक ढांचे में सुधार करते हुए 13 तकनीकी पदों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से भरने की स्वीकृति दी गई है।
मुख्यमंत्री धामी के इन निर्णयों से उत्तराखंड में “Ease of Living” और “Ease of Doing Business” दोनों को बल मिलेगा। विशेष रूप से गैस के दामों में कमी और कलाकारों की पेंशन में वृद्धि को एक संवेदनशील सरकार के कदम के रूप में देखा जा रहा है।
