टनकपुर/चम्पावत: विश्व प्रसिद्ध माँ पूर्णागिरि मेले-2026 का भव्य आगाज हो गया है। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत जनपद के बुनियादी ढांचे, पर्यटन और जनजातीय कल्याण को मजबूती प्रदान करने के लिए कुल ₹7454.74 लाख (₹74.54 करोड़)की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि माँ पूर्णागिरि के आशीर्वाद से आज चम्पावत विकास के एक नए युग में प्रवेश कर रहा है, जहाँ आधुनिक कनेक्टिविटी के साथ-साथ सांस्कृतिक धरोहरों का भी संरक्षण किया जा रहा है।
प्रमुख लोकार्पण: कनेक्टिविटी और पर्यटन को मिला विस्तार
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास को गति देने वाली पाँच प्रमुख परियोजनाओं का जनता को समर्पित किया:
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चलथी नदी पर भव्य सेतु: टनकपुर-जौलजीबी मोटर मार्ग पर ₹50.14 करोड़ की लागत से निर्मित 690 मीटर लंबे दो लेन के प्री-स्ट्रेस्ड मोटर सेतु का लोकार्पण किया गया। यह पुल क्षेत्र की लाइफलाइन साबित होगा।
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ईको-टूरिज्म हब (श्यामलाताल): श्यामलाताल क्षेत्र के सौंदर्य को निखारने के लिए ₹490.94 लाख के ‘लेक फ्रंट डेवलपमेंट’ कार्यों का लोकार्पण किया गया।
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गुरु गोरखधाम: यहाँ ₹271.39 लाख की लागत से पर्यटकों के लिए आधुनिक अवस्थापना सुविधाएं विकसित की गई हैं।
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जनजातीय कल्याण (PM जनमन): ग्राम खिरद्वारी में बुक्सा एवं राजी जनजाति के उत्थान हेतु ₹60 लाख की लागत से बने बहुउद्देशीय भवन का उद्घाटन हुआ।
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पशु प्रजनन फार्म: नरियाल गाँव में ₹659 लाख की लागत से राजकीय पशु प्रजनन फार्म के प्रथम चरण के कार्यों का लोकार्पण किया गया।
नया शिलान्यास: भविष्य के विकास की रखी नींव
मुख्यमंत्री ने ₹959.49 लाख की लागत वाली 4 नई परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी, जिससे चम्पावत की तस्वीर बदलेगी:
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जनोपयोगी कार्य: चम्पावत विधानसभा क्षेत्र में विधायक निधि से ₹498.50 लाख के विभिन्न निर्माण कार्य।
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बाराकोट तहसील भवन: तहसील बाराकोट के अनावासीय भवन का निर्माण कार्य (लागत ₹302.50 लाख)।
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एड़ी मेला स्थल का सौंदर्यीकरण: कालूखान स्थित प्रसिद्ध एड़ी मेला स्थल को ₹81.50 लाख से भव्य बनाया जाएगा।
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बनबसा में पार्क निर्माण: नगर पंचायत बनबसा के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज परिसर में ₹76.90 लाख की लागत से पार्क का निर्माण होगा।
विकास का विजन: ‘आदर्श जनपद चम्पावत’
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि चम्पावत को ‘आदर्श जनपद’ बनाने की दिशा में यह परियोजनाएं मील का पत्थर साबित होंगी। 690 मीटर लंबे चलथी पुल के बनने से न केवल सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा और आवाजाही आसान होगी, बल्कि स्थानीय व्यापार को भी नई ऊर्जा मिलेगी।
मेले की सुरक्षा और सुविधा पर जोर
माँ पूर्णागिरि मेले के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग पर पेयजल, बिजली, सफाई और सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि देश-विदेश से आने वाले भक्तों को कोई असुविधा न हो।
